0 कोयले की क्वालिटी पर ही भुगतान

बिश्रामपुर । नईदुनिया न्यूज

एसईसीएल सहित कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों में अब 1 अप्रैल से थर्ड पार्टी सैंपलिंग के बाद ही नान कोकिंग कोल की आपूर्ति होगी। कोयले की क्वालिटी के मुताबिक ही राशि का भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में कोल इंडिया प्रबंधन ने एसईसीएल सहित कोल इंडिया की समस्त सहायक कंपनियों को अधिसूचना जारी कर दी है।

कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक आगामी 1 अप्रैल से कोयला उपभोक्ताओं को आपूर्ति किए जाने वाले कोयले का थर्ड पार्टी सैंपलिंग कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही डिस्पैच होने वाली सभी गाड़ियों की सैंपलिंग भी आवश्यक कर दी गई है, ताकि डिस्पैच के बाद कोयले के ग्रेड व क्वालिटी में किसी प्रकार की गिरावट न हो। बताया जा रहा है कि उक्त आदेश के जारी होने के बाद कोयला कंपनियां अब जिस ग्रेड या क्वालिटी का कोयला उपभोक्ता को देगी। कोयला उपभोक्ता उसी ग्रेड व क्वालिटी के मुताबिक उस क्वांटिटी का भुगतान करेंगे। अब एक स्थान पर की गई सैंपलिंग के आधार पर राशि का भुगतान नहीं होगा।

जीसीवी रिपोर्ट के आधार पर बनेगा बिल

वर्तमान समय में कोलियरी के ग्रेड के मुताबिक सेल्स विभाग बिल जनरेट कर उपभोक्ता को देता है। बाद में जीसीवी(ग्रास कैलोरिफिक वैल्यू) रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेड में स्लिपेज के पश्चात कंपनी उपभोक्ता को पैसा रिफंड करती है, लेकिन नई व्यवस्था के लागू होने से कोयला कंपनी जीसीवी रिपोर्ट के आधार पर ही बिल जनरेट करेगी, ताकि रिफंड की नौबत ना आए। फिलहाल यह नई व्यवस्था नान कोकिंग कोल के लिए लागू की गई है। कोकिंग कोल के लिए अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।