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    साइबर कानून व आपराधिक न्याय की शिक्षा अब अंबिकापुर में

    Published: Mon, 04 Jul 2016 04:02 AM (IST) | Updated: Mon, 04 Jul 2016 04:02 AM (IST)
    By: Editorial Team
    03jul p1 04 07 2016

    अंबिकापुर। नईदुनिया न्यूज

    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय 'इग्नू' के रीजनल डायरेक्टर डॉ. सरोज मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार अंबिकापुर में दो जरूरी कोर्स आरंभ होंगे । इनमें साइबर कानून में स्नातकोत्तर व आपराधिक न्याय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स यहां शुरू किया गया है। साइबर कानून के पाठ्यक्रम की न्यूनतम अवधि छह माह से दो वर्ष व आपराधिक न्याय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की न्यूनतम अवधि एक वर्ष व अधिकतम तीन वर्ष निर्धारित है। इसके अलावा सात नए कोर्स इग्नू के स्थानीय अध्ययन केन्द्र केआर टेक्निकल कॉलेज में आरंभ होने जा रहा है।

    इग्नू के रीजनल डायरेक्टर डॉ. मिश्रा रविवार को स्थानीय होटल में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इग्नू देश का पहला मुक्त विश्वविद्यालय है जिसमें 35 लाख लोग अध्ययन करते हैं। इग्नू गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करता। इग्नू का काम डिग्री बांटना नहीं है। इग्नू का अध्ययन केन्द्र हर जिले में आरंभ करने का प्रावधान है,किन्तु हर जिले में बेहतर और व्यवस्थित संस्थान न मिलने के कारण हर जिले में अध्ययन केन्द्र खोल पाना संभव नहीं है। सरगुजा संभाग में एकमात्र केआर टेक्निकल कॉलेज में सारी व्यवस्थाएं मिल पाई इस कारण यहां अध्ययन केन्द्र खोला गया है। यह अध्ययन केन्द्र इस क्षेत्र के लिए एकमात्र इग्नू का अध्ययन केन्द्र है जहां पूरे संभाग के लोग नामांकन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर अध्ययन केन्द्र से अब दूरस्थ क्षेत्र कोंडागांव, बीजापुर, जगदलपुर, कोटा जैसे स्थानों पर इग्नू का अध्ययन केन्द्र संचालित है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि अंबिकापुर के केआर टेक्निकल कॉलेज में इस बार सात नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, जिनमें आपराधिक न्याय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पीजीडीसीजे एवं साइबर कानून में स्नातकोत्तर प्रमाण पत्र पीजीसीसीएल प्रमुखता से शामिल हैं। इसके अलावा पर्यावरण अध्ययन में प्रमाण पत्र सीईएस, पोषण व स्वास्थ्य शिक्षा में डिप्लोमा डीएनएचई, भोजन एवं पोषण में प्रमाण पत्र सीएफएन, मानव अधिकार में प्रमाण पत्र सीएचआर व मार्गदर्शन में प्रमाण पत्र सीआईजी शामिल है। डॉ. मिश्रा ने बताया इसके अलावा बीपीपी स्नातक उपाधि प्रारंभिक कार्यक्रम, बीए, बीकॉम, ग्राम विकास में एमए एमएआरडी, एमएसओ समाज शास्त्र, ग्राम विकास में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पीजीडीआरडी सहित अन्य कई डिप्लोमा, स्नातकोत्तर डिप्लोमा, डिग्री के कोर्स संचालित हैं।

    डॉ.मिश्रा ने कहा कि आपराधिक न्याय व साइबर कानून पाठ्यक्रम अंबिकापुर में शुरू होने से इस क्षेत्र के लोगों के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों को इस विषय पर अध्ययन का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अक्सर यहां के पुलिस अधिकारी व न्यायिक अधिकारी इन दोनों विषयों का पाठ्यक्रम चलाए जाने की बात कहा करते थे। इसी को देखते हुए प्रस्ताव इग्नू में भेजा गया था जहां से 14 जून को नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। उन्होंने बताया कि इग्नू के कई पाठ्यक्रमों में आवेदन भरने पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के छात्रों को फीस में छूट का भी प्रावधान है। पत्रवार्ता के दौरान स्थानीय अध्ययन केन्द्र के समन्वयक सुश्री वर्णाली घोष ने शुरू हो रहे नए पाठ्यक्रमों की उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इग्नू एक ऐसा विश्वविद्यालय है जिसमें अन्य देशों के लोग भी अध्ययन करते हैं। केआर टेक्निकल कॉलेज के संचालक कांत दुबे ने संभाग में उनके संस्थान को इग्नू का अध्ययन केन्द्र बनाए जाने के संबंध में जानकारी दी । इस दौरान राहुल जैन, रीनू जैन भी मौजूद थे ।

    अब परिणाम ऑनलाइन-

    इग्नू के क्षेत्रीय संचालक डॉ. मिश्रा ने बताया कि इग्नू के तहत किसी भी पाठ्यक्रम में परीक्षा देने पर परिणाम, अंकसूची या प्रमाण पत्र को लेकर कोई परेशानी नहीं है। इग्नू ने अब तो सभी पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम को ऑनलाइन कर दिया है। अन्य जानकारियों भी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है।

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