0 दूरस्थ पहाड़ी अंचल में डायरिया के चपेट में

बतौली । नईदुनिया न्यूज

बतौली क्षेत्र के दूरस्थ पहाड़ी अंचल गोविंदपुर के कई पारों में पिछले एक पखवाड़े से डायरिया का प्रकोप है। प्रशासन एवं स्वास्थ्य अमले द्वारा नियंत्रण की कोशिशों के बाद भी मरीज लगातार सीएचसी पहुंच रहे हैं। इस बीच डायरिया की वजह से कुल तीन मौतों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

दूरस्थ पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों से बसा हुआ अंचल गोविंदपुर डायरिया के प्रकोप में है। इस लिहाज से जरूरी सुविधाएं और चिकित्सकीय सहायता 24 घंटे उपलब्ध कराई जा रही है। एसडीएम लगातार परिस्थितियों पर नजर रखे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला पहाड़ी इलाकों में सर्वे कर रहा है। लगातार लोगों को साफ सफाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को सुबह भी एक डायरिया पीड़ित मरीज सीएचसी में भर्ती कराया गया। उधर बीती रात प्रशासन का पूरा अमला डायरिया पीड़ित एक तीसरी कक्षा के बच्चे को सीएचसी लाने के लिए मशक्कत करता रहा। मामले में बालक मंगल साय और उसके पिता उगन राम की जिद ने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया था। बालक के परिजन सीएचसी आना नहीं चाहते थे। लगातार बढ़ रहे मरीज और डायरिया के नियंत्रण में सफलता न मिलने का सीधा असर अब पहाड़ी कोरवाओं में दिखने लगा है। उधर स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि जागरूकता में कुछ कमी की वजह से ऐसी परिस्थिति बन रही है, लिहाजा देर रात को संजीवनी एक्सप्रेस से बालक को लाने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। बाद में एसडीएम को मामले की खबर की गई थी। उन्होंने नायब तहसीलदार वेदराम चतुर्वेदी और राजस्व अमले को तत्काल स्थल पर तैनात होने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुलिस टीम को तैयार रखा गया था। सीईओ बतौली अभिलाषा पैंकरा को भी मामले की जानकारी देकर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए थे। जिसके बाद गोविंदपुर के सेमरहिया पारा में मंगल साय के घर गोविंदपुर के सरपंच और सचिव मौजूद थे। रात लगभग 10 बजे संजीवनी एक्सप्रेस में प्रशासनिक अमलाबालक को लेने गया था। काफी मशक्कत और मान मनौवल के बाद आखिरकार 11 बजे बच्चे को सुरक्षित हालत में सीएचसी पहुंचाया गया जहां इलाज के बाद उसकी स्थिति बेहतर बताई जा रही है। मंगल साय शुक्रवार की सुबह मुस्कुरा रहा था। यही प्रशासनिक अमले की फिलहाल की जीत कही जा सकती है।

संजीवनी में बैठकर गया था प्रशासनिक अमला

गुरुवार की रात एसडीएम को खबर मिलने के बाद बतौली क्षेत्र के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को डायरिया पीड़ित बच्चे को लाने के लिए निर्देशित कर दिया गया था। रात 10 बजे गंभीर हालत में पीड़ित मंगल साय को लाने के लिए बनाई गई योजना पर तेजी से कार्य किया जाने लगा और संजीवनी एक्सप्रेस में बैठकर नायब तहसीलदार वेद राम चतुर्वेदी और प्रशासनिक अमले को गोविंदपुर भेजा गया था। मामले में एसडीएम की मंशा सिर्फ जल्द से जल्द बच्चे को सीएचसी पहुंचाने की थी ताकि उसे बेहतर इलाज मिल सके।

प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। गांव में मौसमी बीमारी ने पैर पसार लिया है। लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोगों को समझाइश दी जा रही है। खुखड़ी और पुटू से दूर रखने कहां जा रहा है। हड़िया और दारू बनाने की सख्त पाबंदी लगा दी गई है।बालक मंगल साय को प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी लेकर सीएचसी पहुंचाया है।

अतुल शेट्टे

एसडीएम, सीतापुर