0 24 घंटे से हाथी का स्पष्ट लोकेशन नहीं मिलने से वनकर्मी भी परेशान

0 पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ भी पहुंचे सरगुजा, अधिकारियों से की चर्चा

0 दो दिन के भीतर हाथी ने चार लोगों की ली है जान

फोटो-23, 24

अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

उदयपुर वन परिक्षेत्र के परसा में मंगलवार की सुबह महिला समेत दो लोगों को कुचल मार डालने वाले हाथी का पिछले 24 घंटे से कोई स्पष्ट लोकेशन नहीं मिल सका है। सीसीएफ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वन अधिकारी-कर्मचारी बचाव में लगे हैं। रायपुर से मंगलवार को रवाना की गई छह गजराज वाहनों को भी उदयपुर के ही प्रभावित क्षेत्रों में कार्य पर लगाया गया है। वनमंत्री मो. अकबर के निर्देश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी कौशलेंद्र सिंह भी सरगुजा पहुंच चुके हैं। उनके द्वारा हाथी से बचाव के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेने के साथ ही अधिकारी-कर्मचारियों को मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।

सूरजपुर जिले के देवनगर में रविवार को महिला समेत दो लोगों को मार डालने वाला हाथी मंगलवार तड़के उदयपुर वन परिक्षेत्र के परसा में घुस गया था। हाथी ने ईंट भट्ठे में एक महिला को कुचला था। उसके बाद अटेम नदी किनारे वृद्घ की भी पटककर जान ले ली थी। दो दिन के भीतर हाथी द्वारा चार लोगों की जान लेने के बाद जनहानि रोकने वन विभाग पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। मंगलवार शाम तक हाथी का लोकेशन पेंडरखी जंगल में मिला था। उसके बाद वह किधर आगे बढ़ा, इसका पता नहीं चल सका है। रायपुर से मंगलवार को ही रवाना की गई गजराज वाहनों को बुधवार को उदयपुर के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य में लगा दिया गया है। सीसीएफ केके बिसेन के अलावा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें हाथी का लोकेशन पता करने में लगी रही, लेकिन इसका कुछ पता नहीं चल सका। बुधवार की सुबह पता चला कि हाथी खुजी के सोनबरसापारा में है। उसके पांव के निशान पाए गए थे। उसके बाद गांव वालों की ओर से जानकारी मिली कि हाथी साल्ही के टिकरापारा के पास है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन हाथी की मौजूदगी के प्रमाण नहीं मिले। डीएफओ प्रियंका पाण्डेय, एसडीओ एसबी चंदेल, उप वन संरक्षक एसबी पाण्डेय के अलावा भारतीय वन जीव संस्थान के लक्ष्मीनारायण, अंकित कुमार, ट्रेंक्यूलाइज विशेषज्ञ डा. सीके मिश्रा, प्रभात दुबे के अलावा अन्य कर्मचारी अलग-अलग संभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। जिन छह गजराज वाहनों को रवाना किया गया है, उनमें 53 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। वाहनों में हाईबीम लाइट, हुटर, वन्यप्राणियों को नियंत्रित करने के लिए जाल, लोहे की जंजीर, सैकल आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। ये वाहन सरगुजा जिले के उदयपुर, सायर, कुदर बसवार, केदमा, बासेन एवं डांडगांव में उपलब्ध कराये गये हैं। सरगुजा वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक केके बिसेन ने ग्रामीणों से हाथियों के आगमन पर सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी गांवों में हाथियों के आगमन पर लोगों को आवश्यक सुझाव एवं समझाईश देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्थानीय सरपंच, सचिव एवं कोटवार तथा ग्राम स्तर पर कार्यरत वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से हाथियों के पास नहीं जाने तथा उन्हें अनावश्यक रूप से उत्तेजित नहीं करने कहा है।

रफ्तार काफी तेज इसलिए परेशानी

सीसीएफ केके बिसेन ने बताया है कि उदयपुर क्षेत्र में एक लोनर हाथी भ्रमण कर रहा है। लोनर हाथी के मूवमेंट की गति बहुत ही तेज है। यह हाथी कुछ ही समय में 15 से 20 किलोमीटर की दूरी तय कर लेता है। इसका व्यवहार भी अत्यंत उग्र एवं अप्रत्याशित है। केके बिसेन ने इस हाथी की उग्रता को दृष्टिगत रखकर ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने, शाम होने से पहले ही गांव में स्थित सरकारी पक्के भवनों में रहने, आवास पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने, पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लोगों से भोजन करने के पश्चात पक्के आवासों में रहने संबंधी समझाइश देने का आग्रह किया है।

ट्रेंक्यूलाइज टीम भी तैनात

हाथी को ट्रेंक्यूलाइज कर कब्जे में लेकर नियंत्रित करने के लिए ट्रेंक्यूलाइज टीम को भी तैनात कर रखा गया है। यह टीम दो ट्रेंक्यूलाइज गन के साथ उदयपुर क्षेत्र में मौजूद है। वन विभाग द्वारा हाथियों से बचाव के लिए उदयपुर क्षेत्र में आवश्यक सुविधाओं से युक्त गजराज वाहन उपलब्ध कराते हुए क्षेत्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इनका उद्देश्य पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उप वन संरक्षक से प्राप्त जानकारी के अनुसार उदयपुर, सायर, कुदर बसवार, केदमा, बासेन एवं डांडगांव में गजराज वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों के माध्यम से हाथियों के आगमन पर लोगों को सुरक्षा दी जा सकेगी।

पीसीसीएफ भी पहुंचे सरगुजा

हाथी द्वारा चार ग्रामीणों की जान लेने की खबर मिलते ही वनमंत्री मो. अकबर ने हाथी को नियंत्रित करने आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। वनमंत्री के आदेश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी कौशलेंद्र सिंह भी देर शाम सरगुजा पहुंचे। उन्होंने उदयपुर क्षेत्र में हाथी से जनहानि रोकने किए जा रहे प्रयासों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। सीसीएफ केके बिसेन ने संपूर्ण वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि हाथी का स्पष्ट लोकेशन फिलहाल नहीं मिल सका है। अलग-अलग टीमे ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर लगी हुई हैं। हाथी के असामान्य व्यवहार को देखते हुए उसे कब्जे में कर नियंत्रित करना ही एकमात्र उपाय शेष रह गया है।