बतौली । नईदुनिया न्यूज

बतौली निवासी जोसेफ तिर्की की प्रथम पुत्री के जन्म के बाद राज्य सरकार की नवीन योजना के तहत जाति प्रमाण पत्र बतौली के प्रभारी तहसीलदार वेदराम चतुर्वेदी ने रविवार को उन्हें सौंप दिया है। यह सरगुजा संभाग का पहला मामला है। प्रभारी तहसीलदार ने प्रार्थी की सुविधा अनुसार बतौली बगीचा चौक पर स्वयं जाकर प्रार्थी को जाति प्रमाण पत्र सौंपा है। जाति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद जोसेफ तिर्की काफी उत्साहित नजर आए।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बच्चों के जन्म के साथ ही जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की नवीन योजना शुरू की है। इसी के तहत जगह जगह प्रक्रियाएं तहसील कार्यालयों से जारी है। सरगुजा संभाग में अभी तक का पहला मामला बतौली निवासी जोसेफ तिर्की को जाति प्रमाण पत्र सौंपे जाने के साथ दिखाई दिया। अनुविभागीय अधिकारी अतुल शेट्टे के निर्देश पर प्रार्थी जोसेफ तिर्की को उनकी पुत्री आत्मिकता तिर्की का जाति प्रमाण पत्र सौंपा गया। प्रभारी तहसीलदार वेदराम चतुर्वेदी ने प्रार्थी की सुविधा अनुसार बगीचा चौक स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड में जाकर प्रार्थी जोसेफ तिर्की को जाति प्रमाण पत्र सौंपा है। इस संबंध में बताया जा रहा है कि वे बतौली निवासी है उनका पुश्तैनी घर और जमीन यही है, लेकिन फिलहाल वे बधियाचुआ खैरबार में रहते हैं। 26 मई को आत्मिकता तिर्की का जन्म हुआ था। उसके बाद नियमतः च्वाइस सेंटर पर जाकर आवेदन करना होता है। पिता का जाति प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करने के बाद संबंधित तहसील कार्यालय से ऑनलाइन आवेदन के आधार पर जाति प्रमाण पत्र दिया जाता है। जोसेफ ने 11 जुलाई को च्वाइस सेंटर पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया था। आवेदन करने के साथ ही तहसील महकमा सक्रिय हुआ और एक दिन बाद शनिवार को जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

11 जुलाई को प्रार्थी जोसेफ तिर्की ने अपनी प्रथम पुत्री के जाति प्रमाण पत्र के लिए च्वाइस सेंटर जाकर आवेदन किया था। जन्म प्रमाण पत्र और स्वयं का जाति प्रमाण पत्र दिए जाने के बाद हमने ऑनलाइन आधार पर प्राप्त आवेदन के संबंध में शीघ्र प्रक्रिया शुरू की और एक दिन बाद ही उन्हें जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया। रविवार को उन्हें प्रमाण पत्र सौंप दिया गया है। अब जाति प्रमाण पत्र मिलना बहुत आसान हो गया है। सरगुजा संभाग का यह पहला मामला है।

अतुल शेट्टे

अनुविभागीय अधिकारी सीतापुर