बिश्रामपुर । नईदुनिया न्यूज

केंद्र सरकार द्वारा कोयला उद्योग में निजी कंपनियों को कामर्शियल माइनिंग का अधिकार दिए जाने के विरोध में 16 अप्रैल को चार सेंट्रल ट्रेड यूनियनों की एक दिवसीय हड़ताल में इंटक शामिल नहीं होगा। इंटक ने सरकार के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय भी लिया है। साथ ही इस हड़ताल का विरोध भी करेगा।

बताया गया कि आईएनएमडब्लुएफ की वकिर्ग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इस संबंध में दी गई जानकारी में बताया गया कि फेडरेशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह सहित महासचिव एसक्यू जामा, उपाध्यक्ष एके झा, पीके राय, चंडी बनर्जी के साथ साथ देश भर से ढाई सौ प्रतिनिधि वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल हुए थे। इंटक ने सरकार के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही यूनियन अपने स्तर पर आंदोलन जारी रखेगी। फेडरेशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि कोयला खदान राष्ट्रीयकरण एक्ट 1973 को समाप्त किए बगैर सरकार कोयला क्षेत्र में निजी कंपनियों को वाणिज्य खनन का अधिकार नहीं दे सकती है। इस मुद्दे को लेकर बीएमएस, एचएमएस, एटक एवं सीटू केंद्रीय श्रम संगठनों ने हड़ताल में जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इंटक से जुड़ा फेडरेशन भी 16 अप्रैल को काला बैज लगाकर सरकार की इस नीति का विरोध करेगा, लेकिन उत्पादन प्रभावित ना कर उत्पादन दोगुना करने का प्रयास करेगा। बैठक में निर्णय लिया गया है कि सरकार के इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय में यदि श्रमिकों के हक में फैसला नहीं हुआ तो, संगठित होकर देश भर में इस मुद्दे पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 वें राष्ट्रीय वेतन समझौते में शामिल चार यूनियनों में से तीन यूनियनों ने भी उक्त निर्णय पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें काफी खामियां हैं। इन खामियों को लेकर चर्चा भी की गई है। उन्होंने कहा कि इंटक के अध्यक्ष जी संजीव रेड्डी के नेतृत्व में फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल 19 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेगा। श्री गांधी को कामर्शियल माइनिंग के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। इससे देश के साथ श्रमिकों को होने वाले नुकसान का आंकड़ा सौंपा जाएगा और उनसे अपील की जाएगी कि संसद में इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस आवाज उठाएं। इसी दौरान फेडरेशन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में मामला दायर करने को लेकर इंटक अध्यक्ष की अनुमति प्राप्त की जाएगी। एक माह बाद फेडरेशन की बैठक इंटक मुख्यालय में होगी। इसमें स्थिति की समीक्षा कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।