अंबिकापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ और कोरिया जिले के खड़गवां में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा खोलने की मंजूरी रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने दे दी है। शंकरगढ़ व खड़गवां में सहकारी बैंक की शाखा खुलने से दोनों विकासखंडों के हजारों ग्रामीणों को जहां बैंकिंग सुविधा आसानी से मिल सकेगी, वहीं कृषि से जुड़ी शासन की योजनाओं का भी लाभ उठाने के लिए उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। बैंक प्रबंधन ने सरगुजा जिले के दरिमा, कुनमेरा, बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर व कोरिया जिले के सोनहत में भी बैंक की शाखा आरंभ करने का निर्णय लिया है, लेकिन रिजर्व बैंक आफ इंडिया से अभी अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर का कार्य क्षेत्र सरगुजा के अलावा सूरजपुर, बलरामपुर व कोरिया जिला भी है। चारों जिले में संचालित बैंक की शाखाएं व समितियां अंबिकापुर के प्रधान कार्यालय से ही मानिटरिंग होती है। अभी तक बलरामपुर जिले के ब्लाक मुख्यालय शंकरगढ़ व कोरिया जिले के खड़गवां में बैंक की शाखा आरंभ नहीं हो सकी थी। शंकरगढ़ व खड़गवां में सहकारी बैंक की शाखा नहीं होने के कारण किसानों को राष्ट्रीयकृत बैंकों से बैंकिंग कामकाज करना पड़ा था। इस व्यवस्था में उन्हें दिक्कत भी होती थी। सहकारिता से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सहकारी बैंक का कामकाज निपटाने उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रबंधन ने कार्य क्षेत्र के छह स्थानों पर बैंक की नवीन शाखा खोलने का प्रस्ताव पारित किया था। पारित प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को प्रेषित किया गया था। रिजर्व बैंक में शंकरगढ़ व खड़गवां में बैंक की शाखा खोलने मंजूरी दे दी है। इन दोनों स्थानों पर बैंकिंग कामकाज शुरू करने सुविधा विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि एक माह के भीतर इन दोनों स्थानों पर सहकारी बैंक आरंभ हो जाएगा। इसके पश्चात सोनहत, रामचंद्रपुर, कुनमेरा व दरिमा में भी सहकारी बैंक की शाखा खोलने का प्रस्ताव है।

कुसमी व चिरमिरी बैंक पर आश्रित थे किसान-

शंकरगढ़ विकासखंड के किसान कुसमी स्थित सहकारी बैंक तथा खड़गवां विकासखंड के किसान चिरमिरी सहकारी बैंक पर आश्रित थे। समितियों में धान बिक्री के बाद रकम आहरण सहित सहकारी बैंक से जुड़ी योजनाओं के लाभ के लिए उन्हें 30 से 40 किमी का सफर तय करना पड़ता था। इस व्यवस्था में उन्हें परेशानियों का भी सामना करना पड़ता था। कई बार सुबह घर से निकलने के बाद बैंक पहुंचने के बावजूद शाम को उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ता था। अब दोनों ब्लाक मुख्यालयों में बैंक की नई शाखा खुल जाने से किसानों को सहुलियत होगी।

आचार संहिता से रूक गया था काम-

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शंकरगढ़ व खड़गवां में सहकारी बैंक की शाखा खोलने की अनुमति लगभग पांच माह पहले दी जा चुकी थी, लेकिन पहले विधानसभा चुनाव फिर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावशील हो जाने के कारण सहकारी बैंक प्रबंधन द्वारा बैंक की नवीन शाखा नहीं खोली जा सकी थी। आचार संहिता समाप्त हो जाने के कारण अब बैंक प्रबंधन अतिशीघ्र दोनों स्थानों पर नवीन शाखा खोलने की तैयारी में है। शंकरगढ़ में कृषि विभाग के पुराने भवन को सहकारी बैंक के संचालन के लिए अधिग्रहित किया गया है।