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    पटवारी, सचिवों के खिलाफ आवेदनों का निराकरण एसडीएम व सीईओ के जिम्मे

    Published: Wed, 14 Feb 2018 06:18 AM (IST) | Updated: Wed, 14 Feb 2018 06:18 AM (IST)
    By: Editorial Team
    13febambp25 14 02 2018

    0 अगले हफ्ते तक लोक सुराज के 80 फीसदी आवेदनों के निराकरण का टारगेट

    0 कागजी निराकरण पर विभागीय अधिकारी के खिलाफ होगी कार्रवाई

    अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

    लोक सुराज अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए कलेक्टर किरण कौशल ने टारगेट तय कर दिया है। अगले हफ्ते तक हर हाल में 80 फीसदी आवेदनों का निराकरण करने कहा गया है। उसके अगले हफ्ते 20 फीसदी शेष बचे आवेदनों को निराकृत किया जाएगा। पटवारियों व सचिवों के संबंध में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए एसडीएम और जनपद सीईओ को जिम्मेदारी दी गई है कि वे संबंधित गांव में जाकर तथ्यों की पड़ताल करेंगे। आवेदनों के कागजी निराकरण पर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

    मंगलवार को कलेक्टर किरण कौशल ने समय सीमा की बैठक में लोक सुराज अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर पूरी हो सकने वाले मांग से संबंधित आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित आवेदक से व्यक्तिगत तौर पर सम्पर्क करें तथा आवश्यक औपाचारिकताएं पूर्ण कराने हेतु पहल करें, ताकि आवेदन के गुणात्मक निराकरण के साथ ही आवेदक भी संतुष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि मांग से संबंधित आवेदन जिसका निराकरण जिला स्तर पर न होकर संचालनालय अथवा शासन स्तर पर होना है, ऐसे आवेदनों की अलग से सूची बनाकर जिला पंचायत कार्यालय को प्रस्तुत करें। इस प्रकार के आवेदनों के निराकरण की सूचना भी लिखित में आवेदकों को दें। कलेक्टर ने कहा कि पटवारियों तथा सचिवों के शिकायत से संबंधित आवेदनों के निराकरण के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी राजस्व तथा जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संबंधित ग्राम में स्वयं जाकर जांच करें और आवश्यकतानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से संबंधित बंटवारा, नामान्तरण तथा सीमांकन के आविवादित प्रकरणों के निराकरण के लिए पटवारियों की टीम गठित करें तथा विवादित प्रकरणों में राजस्व निरीक्षक को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जारी करें। उन्होंने कहा कि आवेदनों के निराकरण में लापरवाही अथवा गलत प्रविष्टि करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर जनदर्शन में तथा समय-सीमा से संबंधित आवेदनों के निराकरण की समीक्षा करते हुए कहा कि इन आवेदनों का निराकरण उच्च प्राथमिकता से करें। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनुराग पाण्डेय, अपर कलेक्टर निर्मल तिग्गा, चंद्राकांता ध्रुर्वे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महावीर राम सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

    मुआवजा वितरण में हो विभागीय समन्वय

    उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों का निराकण पूर्ण हो चुका है उनके निरस्तीकरण के लिए अपर कलेक्टर के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि भू-अर्जन के मुआवजा राशि वितरण से संबंधित लोक सुराज के आवेदनों के निराकरण के लिए जल संसाधन एवं राजस्व विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर राशि भुगतान करायें। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला योजना, सौर सुजला, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, कौशल विकास सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिये।

    कुष्ठ मुक्ति की ली गई शपथ

    कलेक्टर किरण कौशल ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारी-कर्मचारियों को जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के लिए शपथ दिलाई। शपथ में कहा गया कि जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने के लिए सभी कुष्ठ रोगियों को जितनी जल्दी हो सके खोजनें के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे तथा कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों से कोई भेदभाव नहीं करेंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश किया कि वे अपने कार्यालयों में भी अपने मातहत कर्मचारियों को कुष्ठ मुक्ति की शपथ दिलाएं।

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