0 कांग्रेस व किसान कांग्रेस ने दिया धरना, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

0 कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार पर निकाली भड़ास

अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

किसानों के हितों पर कुठाराघात एवं किसानों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार किए जाने का आरोप राज्य सरकार पर लगाते हुए विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेस ने आज स्थानीय गांधी चौक पर धरना दिया और कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। कांग्रेसियों ने धरना उपरांत 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रदेश के राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा है।

जिला कांग्रेस कमेटी व जिला किसान कांग्रेस ने किसानों के मुद्दों को लेकर स्थानीय गांधी चौक पर धरना दिया और राज्य सरकार पर किसानों के हितों की रक्षा न किए जाने का आरोप लगाया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि प्रदेश की सरकार पूरी तरह असंवेदनशील व्यवहार किसानों के साथ कर रही है। इस सरकार को जागृत करने हमें धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। किसानों की मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया तो आगे सरकार के खिलाफ हम उग्र आंदोलन करने बाध्य होंगे। किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वीरभद्र सिंह सचिन ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा किसानों के हितों में जितनी भी घोषणाएं की जाती हैं सभी कागजों में साीमित रहती है। फसल बीमा का लाभ जिले में किसानों को नहीं मिल रहा है,उल्टे प्रीमियम की राशि सरकार की नजदीकी कंपनियां वसूल कर गायब हो जा रही हैं। किसानों के हितों पर यह सरकार सीधे-सीधे कुठाराघात कर रहा है। धरना को मेयर डॉ. अजय तिर्की, सभापति शफी अहमद पूर्व मंत्री प्रेमसाय सिंह, कांग्रेस नेत्री मधु सिंह, पूर्व विधायक भानुप्रताप सिंह, जगरोपन सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया और प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। इस दौरान इस्लाम खान, मो. शफीक खान, द्वितेन्द्र मिश्रा, बसंत पाण्डेय, मदन जायसवाल, मधु दीक्षित, प्रशांत सिंह चीकू, अरविन्द पाण्डेय, शिवप्रसाद अग्रहरि, सैय्यद अख्तर हुसैन, प्रमोद चौधरी, निक्की खान सहित काफी संख्या में कांग्रेस नेता व किसान कांग्रेस के नेतागण मौजूद थे।

यह है कांग्रेस की राज्यपाल से मांग

0 किसानों का कर्ज माफ करें।

0 पांच एचपी तक पंप की बिजली मुफ्त दें।

0 तीन वर्षों का बकाया बोनस व 2100 रुपये समर्थन मूल्य दें।

0 फसल बीमा ऐच्छिक करें। प्रीमियम राशि दो प्रतिशत बीएमएफ में कंपनियों से वसूल कर जमा कराएं।

0 डायरेक्ट सब्सिडी योजना में कृषि योजना को शामिल करें।

0 धान खरीदी उप केन्द्रों में फर्जिलाइजर लिमिट बनाएं।

0 अव्यवहारिक चैंप योजना को बंद कर कृषकों के हित में कृषि उपकरण अनुदान में दें।

0 मक्का का समर्थन मूल्य 17 रुपये प्रति किलो करें।

0 शासकीय उद्यानों में नर्सरी तैयार करने बीज की राशि कम करें।

0 व्यवसायिक बैंकों में किसानों द्वारा लिए जाने वाले कृषि लोन पर ब्याज दर कम करें।

0 राज्य के सब्जी मंडियों को हाईटेक करें, सरगुजा की सब्जी मंडी को ए-ग्रेड करें।

0 गन्ने का क्रय मूल्य चार रुपये प्रति किलो शक्कर कारखाने में करें।

0 जल संसाधन विभाग द्वारा अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा तत्काल दें।