अंबिकापुर । सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत ग्राम कमलेश्वरपुर निवासी अधेड़ पर भालू ने हमला कर दिया। टांगी से बेंट से 15 मिनट संघर्ष के बाद भी जब भालू उसका पीछा नहीं छोड़ा तो ग्रामीण अपने पास रखा गमछा भालू के चेहरे पर डालकर जान बचाने में सफल हुआ।

भालू ग्रामीण को चेहरे, हाथ-पैर को जगह-जगह नोच डाला है। तिब्बती अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायल ग्रामीण को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लाकर भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक कमलेश्वरपुर निवासी जदुबर टेकाम पिता बैजनाथ टेकाम 55 वर्ष के साला दबहर की लड़की सुनीता का विवाह रकेली चिड़ापारा में होना सुनिश्चित हुआ है। शनिवार की दोपहर 2.30 बजे जदुबर रिश्तेदारों को निमंत्रण देने के लिए पैदल ही ग्राम पैगा जाने के लिए निकला था।

तुर्री के नीचे किरचा जंगल को पार करते समय अचानक पीछे से उस पर हमला किया, जिससे वह नीचे गिर गया था। एक हाथ भालू के जबड़े में जाने के बाद वह दूसरे हाथ में पकड़े टांगी के बेंट से भालू के मुंह पर हमला करके खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन चोट खाने के बाद भी भालू हाथ-पैर को जख्मी करता रहा।

भालू के चंगुल से छूटने 15 मिनट चले संघर्ष के बाद ग्रामीण अपना गमछा भालू के चेहरे पर डाल दिया, तब कहीं जाकर उसकी जान छूटी और गमछा लिए भालू झाड़ियों की ओर दौड़ लगा भाग निकला। शोर सुनकर पैगा की ओर से जंगल में लकड़ी लेने के लिए पहुंचे ग्रामीणों ने लहूलुहान पड़े जदुबर को झेलगी में लादकर पहाड़ से नीचे उतारा।

यहां से बाइक में उसे कैंप नंबर एक के तिब्बती अस्पताल में परिजन लेकर पहुंचे, जहां टांका लगाकर मरहम-पट्टी की गई। रात 8 बजे उसे संजीवनी 108 एक्सप्रेस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लाकर भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।