0 बाल्को की दूसरी यूनियन ने उठाई उंगली

कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

बाल्को कर्मियों की समस्याओं को लेकर आंदोलन की चेतावनी देने वाले 7 श्रमिक संघ के प्रतिनिधि गोवा टूर में निकल गए हैं। अन्य यूनियन के सदस्यों का कहना है कि प्रबंधन ने हड़ताल टालने आंदोलनकारियों को टूर पर भेजा है। उधर यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि सेफ्टी कमेटी का दौरा है, दूसरे प्लांट में जाकर सेफ्टी व्यवस्था देखी जाती है।

बाल्को कर्मचारियों की 13 सूत्रीय मांग को लेकर बाल्को कर्मचारी संघ (बीएमएस), एल्यूमिनियम एम्पलाइज यूनियन एटक, भारत एल्यूमिनियम एम्पलाइज यूनियन सीटू, एचएमएस, नाम्स तथा वाम्स यूनियन ने आंदोलन की नोटिस थी। पत्र में कहा गया था कि कर्मियों को एल्कोहल टेस्ट तथा तकनीकी व शैक्षणिक प्रमाण पत्र के नाम पर अनावश्यक प्रताड़ित किया जा रहा है। वेतन समझौता लंबित मांग पूरी नहीं की जा रही। स्थानीय लोगों के बजाए ठेका कंपनी बाहर से मजदूर लाकर काम पर रख रही है। अनुकंपा नियुक्ति एवं पदोन्नाति नीति में सुधार करने तथा श्रम कानून का पालन करते हुए ठेका श्रमिकों को पीएफ व ईएसआई को अनिवार्य रूप से लागू करने समेत अन्य मुद्दे शामिल हैं। प्रबंधन द्वारा सकारात्मक पहल नहीं किए जाने पर सभी यूनियन ने 22 मार्च को हड़ताल की नोटिस दी थी, पर बताया जा रहा है कि हड़ताल में शामिल यूनियन के प्रतिनिधियों को प्रबंधन द्वारा गोवा टूर पर भेजा जा रहा है। सोशल मीडिया में दीगर यूनियन के प्रतिनिधियों ने इस टूर पर उंगली उठाते हुए कहा कि कर्मियों की समस्याओं के आड़ में प्रबंधन यूनियन को भ्रमण करा रही है। इससे कामगारों की समस्या का निदान किस तरह होगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उधर टूर में जाने वाले श्रमिक नेताओं का कहना है कि सेफ्टी कमेटी को कंपनी द्वारा प्रत्येक वर्ष दूसरे प्लांट का दौरा कराती है, ताकि उन प्लांट में लागू सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन कर सके। बेहतर व्यवस्था को बाल्को में लागू कराया जाता है। पिछली बार झारसुगड़ा प्लांट का कमेटी ने दौरा किया था, इस बार सेसा गोवा का भ्रमण किया जा रहा है। यात्रा की रूपरेखा दो माह पहले तैयार हो गई थी, पर दीगर यूनियन द्वारा गलत ढंग से प्रचारित किया जा रहा है। कंपनी के प्रावधान व रूपरेखा के अनुरूप ही दूसरे प्लांट का दौरा किया जा रहा है।