पेंड्रा/दानीकंुडी। नईदुनिया न्यूज

ग्राीमण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुराहाल है। इसे उपचार कराने आए मरीजों के साथ ही चिकित्सकों को भारी पड़ रहा है। भवन जर्जर होने के कारण दूसरे स्थान में उपचार करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। दो छोटे कमरे में लोगों का उपचार किया जा रहा है। बेड खाली नहीं रहने पर मजबूरी में जमीन में सोना पड़ रहा है। लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण नहीं किए जाने से ऐसी स्थिति बनने की बात कही जा रही है।

मरवाही ब्लाक के अंतर्गत ग्राम भर्रीडांड़ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे संचालित है। जगह की कमी के कारण उपचार तक नहीं हो पा रहा है। एक छोटे से कमरे में दो बिस्तर लगाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज किया जा रहा है। कई बार गंभीर स्थिति में मरीजों को बेड के खाली होने का इंतजार करना पड़ता है। यहां तक की बेड नहीं मिलने पर जमीन में सोना पड़ जा रहा है। ज्ञात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जगह की कमी के चलते बड़े हॉल का निर्माण कराया गया था। जो कि कुछ ही दिनों में जर्जर हो गई है। हाल की दीवारों से प्लास्टर गिरने के कारण और छत में दरार आने से भयवश कोई रूकने नहीं चाहते हैं। यहां तक की पहले जहां पर मरीजों की चिकित्सकों के द्वारा जांच की जाती थी उस जगह में बैठना तक बंद कर दिए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से डॉक्टरों ने हाल में उपचार करना पूरी तरह से बंद कर दिया है। एक ओर भवन तो दूसरी ओर स्टाफ की समस्या से आम लोग सहित चिकित्सकों को दो चार होना पड़ रहा है। केंद्र में स्वीपर की कमी से सफाई भी प्रभावित रहती है। वहीं स्वास्थ्य केंद्र के सामने हैंडपंप की नाली निकासी की व्यवस्था नहीं होने से नाली का पानी स्वास्थ्य केंद्र के सामने बहते रहता है जिससे गुजर कर लोग आना जाना करते हैं। स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सक , 2 नर्स और एक वार्ड ब्वाय है। परंतु स्वीपर नहीं है, वे मजदूर लगाकर सफाई कार्य करते हैं। इस संबंध में बीएमओ डॉ. एनके ध्रुर्वे से जानकारी लेने की कोशिश की गई परंतुु फोन रिसीव नहीं किया।

जगह की कमी का रोना

इस संबंध में भर्रीडांड़ के सरपंच सुमन सिंह वाकरे ने बताया कि लोग झोलाछाप चिकित्सक से उपचार करना बंद कर स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने आते हैं। यहां और सुविधा लोगों को मिले शासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। दो कमरे में उपचार किया जा रहा है। बड़े हॉल की व्यवस्था तत्काल करनी चाहिए।

मात्र दो बैड में स्थिति गंभीर

ग्रामीण नारायण केंवट ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जगह की कमी है। केंद्र में केवल दो बेड हैं, एक वक्त में दो लोगों से ज्यादा लोगों को भर्ती नहीं किया जाता है गंभीर स्थिति में पेंड्रा जाने के लिए ग्रामीण विवश होते हैं इसके कारण कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है।

जांच का विषय है

इसी प्रकार ग्रामीण अमृतलाल केंवट ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को बने हुए ही कितने साल हुए हैं। इतनी जल्दी कोई भवन कैसे जर्जर हो सकती है,संबंधित अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। यहां उनके लिए जांच का विषय हो सकता है।