बलौदाबाजार। नईदुनिया न्यूज

जिले में ऑनलाइन ठगी की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसी न किसी क्षेत्र से रोजाना ऑनलाइन ठगी की कई खबरें लगातार उभरकर सामने आ रही हैं। इस ऑनलाइन शॉपिंग और ट्रांजैक्शन के चक्कर में कई लोग अपनी मेहनत की कमाई खो रहे हैं। ताजा मामला जिला मुख्यालय के रिसदा रोड स्थित गुरुकृपा ग्लास के संचालक का है। भैसा पसरा निवासी गुरुकृपा ग्लास के संचालक संतोष कोसले पिता झब्बू कोसले ऑनलाइन ठगी का शिकार बन गए और 25-25 हजार करके दो बार में उन्होंने 50 हजार रुपये गंवा दिए।

जानकारी के अनुसार 31 मई 2019 को एक अंजान व्यक्ति ने गुरुकृपा ग्लास के संचालक संतोष कोसले को फोन कर ग्लास खरीदने की बात कही। जिस पर संतोष कोसले ने किसी भी सामान के बेचने के एवज में एडवांस रुपये जमा करने कहा। तब उक्त व्यक्ति ने संतोष कोसले को 'फोन पे' से रुपये ट्रांसफर करने की बात कहकर उसे 'फोन पे' चालू कर बेल का बटन दबाने कहा गया। संतोष कोसले जैसे ही अपने मोबाइल से 'फोन पे' चालू कर बेल का बटन दबाया उसे खाते से 25 हजार रुपये कट गए। तब उक्त व्यक्ति द्वारा पुनः बेल का बटन दबाने की बात कहकर उसके खाते से 25 हजार रुपये फिर निकाले लिए। पीड़ित संतोष को जैसे ही उसके खाते से पैसे कटने की जानकारी हुई उसने फोन काट दी। जिस पर थाना पहुंच रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस पर शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप

पीड़ित संतोष कोसले ने आरोप लगाते हुए कहा कि घटना 31 मई 2019 को जैसे ही उसके खाते से 'फोन पे' के माध्यम से रुपये निकाले गए वे इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने तत्काल सिटी कोतवाली पहुंचे। जहां उपस्थित साइबर सेल के पुलिस कर्मियों ने उच्चाधिकारियों के नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद भी अपनी मेहनत की खोई हुई रकम को वापस पाने की आस में लगातार पुलिस थाने का चक्कर लगाता रहा लेकिन जिम्मेदार कर्मियों द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जिसके बाद इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की तब जाकर 25 जून 2019 को रिपोर्ट दर्ज की गई।

48 घंटे के भीतर दर्ज हुई एफआइआर तो वापस मिल जाते हैं पैसे

ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर पीड़ित व्यक्ति द्वारा 48 घंटे भीतर एफआइआर कराया जाता है तो इसके रुपये साइबर सेल के माध्यम से राशि लौटा दिया जाता है। रिपोर्ट दर्ज कराते ही साइबर सेल ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन की जानकारी बैंक से लेता है जिसके बाद तुरंत जांच कर उस राशि को दूसरे खाते में ट्रांजेक्शन होने पर वापस कर दिए जाते हैं।