बलौदाबजार। नईदुनिया न्यूज

किसी स्कूल में बच्चे कक्षा में पढ़ने के बजाय स्कूल के बाहर घूमते नजर आए तो इसके लिए संबंधित स्कूल के प्राचार्य, प्रधानपाठक व शिक्षक जिम्मेदार होंगे। उन पर कार्रवाई भी की जाएगी। शिक्षकों को भी इस समय सारिणी का पालन करना है। सभी शिक्षकों को निर्धारित स्कूलों में निर्धारित समय पर ड्यूटी पर मौजूद रहना होगा। साथ ही पढ़ाई में गुणवत्ता लाने के लिए नियमित अंतराल पर अनिवार्य रूप से यूनिट टेस्ट लेना होगा।

कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने मंगलवार को नए शिक्षा सत्र की आगामी कार्य योजना की समीक्षा की। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग का पूरा अमला यह सुनिश्चित करे कि बच्चे स्कूल में सुबह 10 से 4 बजे तक उपस्थित रहे। अगर स्कूल के समय बच्चे बाहर घूमते मिले तो जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्राचार्य, प्रधान अध्यापक और शिक्षकों की है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की शिकायत मिली या उनके जिला भ्रमण के दौरान किसी स्कूल में बच्चे कक्षा में पढ़ने के बजाय स्कूल के बाहर घूमते नजर आए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कमजोर बधाों पर विशेष ध्यान दें। नियमित रूप से इन बधाों की काउंसिलिंग करें ताकि उनका भय दूर हो और आत्मविश्वास जागे।

मध्या- भोजन में मेनू का पालन न करने वाले समूहों को करें बर्खास्त

कलेक्टर श्री गोयल ने कहा कि शिक्षण सत्र की शुरुआत से ही मध्या- भोजन भी शुरू हो जाना चाहिए। इसलिए यह सुनिश्चित कर लें कि सभी स्कूलों में बधाों को दोपहर का खाना मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि इस बात की पूरी निगरानी रखी जाए कि मेनू के अनुसार ही पौष्टिक आहार मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा जो समूह मेनू का पालन नहीं कर रहे हैं उनको बर्खास्त कर नए समूह बनाए जाएं। इस योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने स्कूलों में पाठ्यपुस्तक और यूनिफॉर्म वितरण की भी समीक्षा की।

किसानों को मिले किसान के्रडिट कार्ड योजना का फायदा

श्री गोयल ने जिले में मानसून की दस्तक के बाद खेती की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए कहा उपसंचालक कृषि को निर्देश दिए कि बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर जिले के सभी किसानों की सूची का उनके बैंक खातों से मिलान कर लें। इसके बाद क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करें। उन्होंने कहा कोई भी पात्र किसान इस योजना से वंचित न रहे।

ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की हो सक्रिय भागीदारी

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी जिले की ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का नियमित आयोजन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में ग्राम सभा एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है इसे गंभीरता से लें। उन्होंने जिला पंचयत सी ई ओ को निर्देश दिए कि सभी सरपंचों और पंचों को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी करें कि ग्राम सभा में सभी की सक्रिय भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा ग्रामीणों को दी गई एक शक्ति है जिसका इस्तेमाल कर वो अपने गाँव के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।