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    आरक्षकों के भत्ते हड़पने वाले प्रधान आरक्षक को 14 साल की सजा

    Published: Wed, 14 Feb 2018 06:22 AM (IST) | Updated: Wed, 14 Feb 2018 08:32 AM (IST)
    By: Editorial Team
    court order 2018214 83033 14 02 2018

    बलौदा बाजार। आरक्षकों के भत्ते हड़पने वाले प्रधान आरक्षक को मुख्य मजिस्ट्रेट बलौदाबाजार की अदालत ने अलग-अलग मामलों में 28 साल की सजा और 8 लाख जुर्माने की सजा दी है। न्यायालयीन सूत्रों के अनुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बलौदाबाजार आदित्य जोशी की अदालत ने वर्ष 2006 के दौरान आरक्षी केंद्र भाटापारा शहर में पदस्थ रहे तत्कालीन प्रधान आरक्षक खीखराम टांडेल को 2 अलग-अलग मामलों में कुल 28 साल की सजा व 8 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

    वर्ष 2004 में आरक्षी केन्द्र भाटापारा शहर में तत्कालीन प्रधान आरक्षक खीखराम टांडेल पदस्थ था। इसके कार्यकाल में कई आरक्षकों के यात्रा भत्ते सहित एरियर्स की राशि आरोपी ने आहरण कर ली थी लेकिन संबंधित व्यक्तियों को उनका भुगतान नहीं किया था।

    इसके लिए उसने शासकीय दस्तावेजों में गलत प्रविष्टि की थी। घटना की जानकारी होने पर विभागीय जांच के उपरांत मामला दर्ज करवाया गया था। भाटापारा शहर पुलिस द्वारा खीखराम टांडेल के विरूद्घ 2 मामले दर्ज किए गए थे और विवेचना के बाद मामला अदालत में पेश किया गया था।

    11 साल चली सुनवाई

    मामले की सुनवाई करीब 11 साल चली। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी खीखराम टांडेल को शिक्षकों के हस्ताक्षर व उनके आवेदन स्वयं ही फर्जी रूप से तैयार करने का दोषी पाया। अदालत ने आरोपी खीखराम टांडेल को शासकीय धन का स्वयं के लिए लोक सेवक होते हुए दुर्विनियोग व धोखाधड़ी करते हुए अमानत में खयानत करने का भी दोषी पाया।

    वर्तमान में भी आरोपी खीखराम बलौदाबाजार जिले में पदस्थ है। मामले में रक्षक ही भक्षक बन गया। इस प्रकार मामला सबूत होने पर अदालत ने आरोपी खीखराम टांडेल को 2 अलग-अलग प्रकरणों में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 व 420 में दोषी पाकर कुल 28 वर्ष के सश्रम कारावास व 8 लाख रुपए की अर्थदंड की सजा सुनाई है।

    जुर्माने की रकम जमा नहीं करने पर न्यायालय ने आरोपी खीखराम को अलग से 4 महीने के सश्रम कारावास की सजा भुगताने का भी आदेश दिया है। यह उल्लेखनीय है कि मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी प्रकरण में अनुपस्थित हो गया था। जिसे पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार के विशेष सहयोग से गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय में पेश किया गया।

    जहां आरोपी के विरुद्घ मामले की सुनवाई कर निर्णय पारित किया गया और आरोपी को सजा सुनाई गई। न्यायालय में अभियोजन के पक्ष का संचालन सहायक लोक अभियोजन अधिकारी बलौदाबाजार राजेश पांडे द्वारा किया गया।

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