बलौदाबाजार। मकर संक्रांति का त्योहार हर साल सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के अवसर पर मनाया जाता है। बीते कुछ वर्षों से मकर संक्रांति की तिथि और पुण्यकाल को लेकर लोगों में उलझन की स्थिति बनने लगी है। इस साल भी कुछ ज्योतिष कह रहे हैं कि मकर संक्रांति 14 की नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाई जाएगी। मगर इन उलझनों के पीछे खगोलीय गणना है।

पं. तुलसी प्रसाद मिश्र के अनुसार इस साल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 1.45 मिनट पर होगा। देवी पुराण के अनुसार संक्रांति से 15 घटी पहले और बाद तक का समय पुण्यकाल होता है। संक्रांति 14 तारीख को दोपहर में होने की वजह से इस वर्ष मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा और इसका पुण्यकाल सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक होगा जो बहुत ही शुभ संयोग है क्योंकि इस साल पुण्यकाल का लाभ पूरे दिन लिया जा सकता है। पिछले साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई गई थी।

राशि के अनुसार मकर संक्रांति पर करें दान

इस वर्ष मकर संक्रांति के साथ कई शुभ संयोग बन रहे हैं। सबसे पहले तो रविवार के दिन मकर संक्रांति का होना ही अच्छा संयोग है क्योंकि रविवार के स्वामी ग्रह सूर्यदेव है। अपने दिन में ही सूर्य उत्तरायण हो रहे हैं। इस दिन सर्वाथ सिद्घि योग बना है जिसे सभी सिद्घियों को पूर्ण करने में सक्षम माना गया है। तीसरा इस दिन प्रदोष व्रत भी है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन ध्रुुव योग भी बना हुआ है। ऐसे में इस मकर संक्रांति पर किया गया दान-पुण्य और पूजन का अन्य दिनों की अपेक्षा हजारों गुना पुण्य प्राप्त होगा और ग्रह दोषों के प्रभाव से भी आप राहत महसूस कर सकते हैं। इस मौके पर राशि के अनुसार कुछ वस्तुओं का दान विशेष लाभदायी रहेगा। साथ ही सभी राशि के जातकों को एक साथ इन शुभ योगों का लाभ मिलेगा।

मकर संक्रांति के बाद विवाह मुहूर्त में लगा विराम हटेगा

पं. चुड़ामणी तिवारी के अनुसार दिसंबर में विवाह मुहूर्त में विराम लग गया था जो मकर संक्रांति के बाद फिर से शुरू होगा। मकर संक्रांति के दिन भी विवाह सहित अन्य शुभ कार्य किया जा सकेगा। जनवरी-फरवरी में विवाह के लिए अनेक शुभ मुहूर्त है। जो मर्ह तक रहेगा। इस दौरान शादियां भी अधिक होंगी।