बालोद। नईदुनिया न्यूज

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शासकीय वाहन क्रमांक सीजी 02-7427 में भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री रमशिला साहू तथा भारतीय जनता पार्टी के अन्य मंत्रियों की गौरव गाथा वाली किताब वितरित किये जाने के मामले में लगातार नित नये खुलासे हो रहे हैं तो वहीं विभाग के जिम्मेदार अफसर उक्त किताबों को संचनालय से आने की बात कहकर अपना पल्ला तो झाड़ रहे हैं। परंतु अधिकारी की मानें तो अगर सारी किताबें संचनालय से आयी है तो बालोद के अलावा अन्य जिलों में भी इस तरह की किताबें वितरित किये जाने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है 15 साल के भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में विभाग के उधा अधिकारियों से लेकर निचले स्तर तक के पूरी सेटिंग बनी हुई थी। शायद यही कारण रहा है कि बीजेपी सरकार पर हमेशा अधिकारियों की सरकार का आरोप भी लगता रहा है। जिसका पुख्ता प्रमाण उस वक्त बालोद जिले में देखने को मिला। जब महिला बाल विकास विभाग की जिम्मेदार अफसर भाजपा सरकार की गौरव गाथा वाली किताबों को सरकारी वाहन में ही भरकर गांव-गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार अफसर सारी किताबों को छत्तीसगढ़ शासन के संचनालय द्वारा भेजे जाने की बात कही जा रही है ऐसी स्थिति में तो उधा अधिकारियों की संलिप्तता में यह खेल राज्य भर में खेले जाने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।

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विभाग हमेशा रहा सुर्खियों में

जिला बनने के बाद से ही महिला एवं बाल विकास विभाग अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सुर्खियों में बना रहा है चाहे वह राशि लेकर समूह को काम दिए जाने का मामला हो या फिर प्रशिक्षण के नाम पर औपचारिकता निभाकर लाखों रुपए का वारा न्यारा करने का मामला हो। इस विभाग में स्थिति इतनी विस्फोटक रही है कि विभाग के जिम्मेदार अफसर छोटे-छोटे बधाों के खिलौने तक की राशि डकार गए परंतु भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में मंत्रियों के संरक्षण प्राप्त इन अधिकारियों की फाइलों को जांच के नाम पर दी गई। जिसके चलते लगातार इस विभाग के हौसले बुलंद होते रहे तो वहीं सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार के मंत्रियों के संरक्षण में रहने वाले यह अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वाह करने की बजाय भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। खासकर उस वक्त जब सामने लोकसभा चुनाव है। बहरहाल कांग्रेस सरकार द्वारा अगर भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में काम करने वाले इन अफसरों पर अगर कार्यवाही नहीं की गई तो इसका सीधा-सीधा प्रभाव लोकसभा चुनाव में आसानी से देखा जा सकता है।

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अफसरों के साथ हुआ सारा खेल

भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में सप्लाई को लेकर लाखों रुपए का वारान्यारा करने वाले इस विभाग का भारतीय जनता पार्टी के प्रति लगातार अगाध प्रेम देखने को मिलता रहा है। उसका मुख्य कारण यह है कि अधिकारियों के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कई लोग यहां सप्लाई के खेल में अहम भूमिका निभाकर लाखों रुपए का वारा न्यारा कर रहे है। अधिकारियों द्वारा की गई घोटाले की पुष्टि जांच रिपोर्ट में आने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही ना होना तथा वर्षों बाद भी फाइल के दबे रहने से यह बात स्वतः स्पष्ट हो जाती है कि इस विभाग के अधिकारियों को भारतीय जनता पार्टी के मंत्रियों से लेकर अधिकारियों तक का संरक्षण रहा है। ऐसी स्थिति में महिला एवं बाल विकास के यह अधिकारी आज भी अपने दायित्वों का निर्वाह करने की बजाय भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं। अगर जिले में यही स्थिति बनी रही तो निश्चित ही इन भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से निष्पक्षता पूर्वक होने वाले चुनाव पर सवालिया निशान खड़े हो सकते हैं।