कुसुमकसा। नईदुनिया न्यूज

डौंडी विकासखंडके ग्राम पंचायत भर्रीटोला में राज्य शासन की नरवा, गरुवा, घुरुवा और बाड़ी योजना के लिए चिन्हित भूमि पर विवाद की स्थिति बन गई। भर्रीटोला और रजही गांव के सरहद की जमीन होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई। जिसके चलते राजस्व अमले ने मौके पर पर पहुंच दोनों गांव के लोगों को समझाइश दी और मौके का नाप किया।

भर्रीटोला के सरहद में खाली पड़ी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा खेत बना लिया गया था। उक्त जगह को पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीण नरवा, गरुवा योजना के तहत बनने वाले चरागाह के लिए चयनित कर आरक्षित कर दिए थे। उक्त जमीन का सीमांकन कर चरागाह बनाने की बात राजस्व अमले ने कही। जिसको लेकर राजस्व निरीक्षक पटवारी कुछ दिन पूर्व नाप करने पहुंचे थे, किंतु उनके नापने से ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए। ग्रामीणों के विवाद को देखते हुए आज रविवार को अश्वन कुमार पुसाम तहसीलदार, धर्मेश श्रीवास्तव नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक चैनसिंह साहू, किरण सोनी, संदीप कोशिमा, पटवारी चिंताराम मालेकर, रविराव शर्मा, भारत भूषण तिवारी, अनिरुद्घ धनेलिया दोनों गावों के सरहद का सीमांकन करने पहुंचे तो वहीं ग्राम भर्रीटोला-43 और रजही के सैकड़ों महिला पुरूष एकत्रित थे। नाप में विवाद की स्थिति को देखते हुए राजहरा थाना से पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया था। राजस्व अमला दोनों गांव के ग्रामीणों के समझा सीमांकन कर भर्रीटोला गांव की घास जमीन को चिन्हाकित किया गया। साथ ही गोठान के लिए चयनित जमीन का भी सीमाकंन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भर्रीटोला 43 के सरपंच माखन कोठारी, ग्राम पंचायत रजही की सरपंच अमरीका बाई,सहित सैकड़ों ग्रामीण महिला पुरूष उपस्थित थे।