बालोद। बालोद एसपी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे अभियान 'मिशन ई रक्षा' के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के चयनित युवाओं को प्रशिक्षण दिये जाने का कार्य लगातार जारी है। इसका प्रतिसाद भी अच्छा आने लगा है। प्रशिक्षण के दौरान साइबर क्राइम से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि जिला मुख्यालय बालोद में लगातार साइबर के माध्यम से हो रहे क्राइम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की जनता को साइबर ई रक्षा के अंतर्गत जागरूक करने एसपी शेख आरिफ हुसैन द्वारा 'मिशन ई रक्षा' के माध्यम से साइबर क्राइम से बचाने अभियान प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत जिले भर में अभियान चला कर ग्रामीणों को जागरूक करने ई रक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

हो चुके है साइबर क्राइम के मामले

बालोद जिले के ग्र्रामीण क्षेत्रों में चिटफंड कंपनियों द्वारा 100 करोड़ से अधिक की ठगी किये जाने के साथ-साथ मोबाइल फोन पर एटीएम की जानकारी लेकर फर्जी तरीके से राशि आहरण करने का मामला आ चुका है। इसके अलावा राशि दोगुनी करने जैसे झांसे में लोग लुट चुके हैं। इसी को देखते हुए जिले भर के कॅालेजों एवं स्कूलों में बधाों को अभियान चलाकर साइबर क्राइम से बचने के उपाय बताने के साथ ही विशेष योग्यता रखने वाले 249 बधाों को अलग से चयनित कर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उक्त सभी 249 युवा अपने अपने गांव की ग्राम पंचायतों के आगनबाड़ी, सामुहिक भवन आदि भवनों में कक्षाओं के माध्यम से गांव के व्यक्तियों को साइबर क्राइम से बचने के उपाय से ग्रामीणों को अवगत कराएंगे।

प्रोजेक्टर के माध्यम से देंगे जानकारी

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण के दौरान पुलिस के दो जवान तैनात रहेंगे तथा कुछ विशेष अंदुरूनी क्षेत्रों के गांव में प्रोजेक्टर के माध्यम से साइबर क्राइम संबंधित फिल्मांकन के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। फिल्मांकन के माध्यम से जानकारी देने के पीछे जिला पुलिस अधीक्षक शेख आरीफ हुसैन कि मंशा यह है कि गांव के अनपढ़ बुर्जुग भी फिल्म की चित्रांकन के माध्यम से साइबर से होने वाले अपराधों से बचने के उपाय के साथ साथ होने वाले अपराधों कों समझ सकेंगे।

साइबर क्राइम के पीेछे अज्ञानता

जिला पुलिस अधीक्षक शेख आरीफ हुसैन ने 'नईदुनिया' से चर्चा करते हुए बताया कि ज्यादातर लोग अज्ञानता की वजह से इसके शिकार होते हैं। ठगी करने वाले वाक पटुता में दक्ष होते हैं जो बेहद ही आसानी से भोले भाले लोगों को अपने झांसे में लेकर ठग लेते हैं। इस तरह के अपराधों से बचने का केवल एक मात्र उपाय जागरुकता है। इसे लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

विशेष टीम कर रही कार्य

साइबर क्राइम को रोकने गठित टीन को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इन्हीं के नेतृत्व में चार लोंगों की एक टीम तैयार की गई है जो जिले भर में साइबर क्राइम रोकने तथा चिटफंड कंपनियों पर नकेल कसने का कार्य करने के साथ ही समय समय पर ई-रक्षक बनें 249 छात्रों को कक्षाओं के माध्यम से साइबर क्राइम से बचने में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

यहां यहां चल रहा है प्रशिक्षण-

ग्राम खल्लारी, गुजरा, दानीटोला, भैंसबोड बोरीद ,नेवारीकला, लाटाबोड़, भोईनापार, निपानी, परसाही, बोरी, चारवाही, अमोरा,देवारभाट, जगतरा, सिवनी, झलमला, करही भदर, दुधली कोरगुड़ा, रेंगनी, रेंघई, बनगांव, डेंगरापार, धौराभाठा, खुर्सीपार, मनौद में प्रशिक्षण का कार्य चल रहा है। इसके अलावा गुरूर, गुंडरदेही, डौण्डी लोहारा, एवं डौण्डी ब्लॉक के अंदुरूनी क्षेत्रों में कक्षाएं प्रारंभ शीघ्र शुरू हो जाएगी। ं

अभियान की प्रशंसा

दुर्ग रेंज केआईजी प्रदीप गुप्ता ने जिला पुलिस अधीक्षक शेख आरीफ हुसैन द्वारा कराए जा रहे कार्य को जनहित का कार्य करार देते हुए बालोद जिले में चल रहे ई रक्षक तैयार किए जाने के कार्य को राज्य भर में चलाएजाने की बात कही।