रामानुजगंज । नईदुनिया न्यूज

पेट्रोल पंप रोड पर स्थित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू) के हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं ने रात्रि के वक्त वेंडर के नशे में धुत होने के कारण रात्रि भोजन नहीं देने को लेकर जमकर विरोध किया। मौके पर विधायक बृहस्पति सिंह, थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह और तहसीलदार भरत कौशिक सहित महिला पुलिसकर्मी पहुंचे। किसी तरह सभी लोगों को शांत कराकर रात्रि दो बजे भोजन उपलब्ध कराया।

डीडीयू द्वारा छात्र-छात्राओं को रिटेल, काउंटिंग, कंप्यूटर, इंग्लिश, विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां नगर समेत रामचंद्रपुर और बलरामपुर, राजपुर, शंकरगढ़, वाड्रफनगर ब्लॉक के छात्र-छात्राएं अलग-अलग हॉस्टल में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जिन्हें पूरी व्यवस्था के साथ रखने राशि खर्च की जाती है। शनिवार को दोपहर 12 बजे वार्ड क्रमांक 13 में स्थित वन वाटिका में पूरे लोग पिकनिक मनाने गए हुए थे और दोपहर का भोजन भी वहीं किया। यहां से सभी शाम को छह बजे वापस रामानुजगंज पहुंचे और अपने-अपने हास्टल में चले गए। फिर रात्रि के भोजन करने हेतु प्रशिक्षण केंद्र के सामने भोजन स्थल के पास पहुंचे तो वेंडर उड़ीसा राज्य के ग्राम बलियालाअंता के 37 वर्षीय दीपक साहू पिता निरंजन साहू नशे में धुत था। उसने भोजन नहीं बनना बताया। छात्रों ने खाना मांगा तो वह गाली-गलौज करने लगा। इससे छात्र उग्र हो गए एवं पेट्रोल पंप मार्ग में जाकर बैठ गए व नारेबाजी की। इसकी जानकारी जब विधायक बृहस्पत सिंह को मिली तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी सहित कलेक्टर संजीव कुमार झा तक शिकायत पहुंची। थाना प्रभारी, महिला पुलिसकर्मी सहित तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए। भोजन कक्ष के समीप नशे में धुत गाली-गलौज करने वाले दीपक साहू को पुलिस ने पकड़कर ले गई। उसका तत्काल मुलाहिजा कराते हुए इसके विरुद्ध आबकारी एक्ट 36(च) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि हम लोग कुल 50 प्रशिक्षार्थी हैं। मात्र दो प्रशिक्षु स्किल ट्रेनर और कंप्यूटर ट्रेनर के सहारे प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। यहां मेन्यू को ताक में रखकर सुबह के नाश्ते में मात्र घटिया पोहा और खाने में चावल दाल और सब्जी ही दिया जाता है। छह माह का कोर्स था और अभी तक 10 माह तक हम लोग रह चुके हैं। मात्र दो माह का ही प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण केंद्र पर आरोप लगाते हुए छात्र-छात्राओं ने कहा कि हम लोगों को ऐसा लगता है कि इस संस्था द्वारा धोखेबाजी की जा रही है। उन्होंने संस्था की अव्यवस्थाओं का भी खुलासा किया। केंद्र सरकार द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों को प्रतिदिन के हिसाब से 600 रुपये दिया जाता है, जबकि एक छात्र के पीछे 100 रुपये भी खर्च नहीं किया जा रहा है। संस्था में कार्यरत भृत्य ने बताया कि अक्टूबर 2018 से उसे अब तक मानदेय भी नहीं मिला है।

भड़के विधायक ने कहा होगी कार्रवाई

विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण करने आए बच्चे कहीं बाहर के नहीं है बल्कि मेरे क्षेत्र के हैं और इनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर संजीव कुमार झा से भी शिकायत कर संचालित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत प्रशिक्षण केंद्र के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने हेतु कहा गया है।