रायपुर। किसानों की कर्जमाफी को लेकर अब जनता कांग्रेस छत्तीगसढ़ ने सरकार को घेरने की कोशिश की है। जकांछ प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर तीन मांग की है। जोगी ने कहा कि भूपेश सरकार द्वारा पारित ऋण माफी आदेश में समय-सीमा निर्धारण और वित्तीय प्रावधान के अभाव में इस आदेश का मूल्य उस कागज से भी कम है, जिस पर वह छपा है।

अजीत जोगी के शपथपत्र की जनघोषणा पत्र में नकल करने का खामियाजा छत्तीसगढ़ के 70 लाख किसान भुगत रहे हैं। जकांछ ने मांग की कि राष्ट्रीय और निजी बैंकों से लिए मध्य और दीर्घकालीन ऋणों की माफी के वन टाइम सेटलमेंट की राशि पर समझौता करने के लिए एक महीने की समय सीमा निर्धारित की जाए।

वन टाइम सेटलमेंट की राशि चुकाने के लिए सरकार संसाधन कहां से, कैसे और कब तक उपलब्ध कराएगी। इसका स्पष्ट उल्लेख वित्त सचिव के ज्ञापन में आगामी विधानसभा सत्र के प्रथम दिन ही पटल पर रखा जाए। जोगी ने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर विधानसभा चलने नहीं देंगे।

सभी बैंकों को किसानों को ऋण चुकाने के नोटिस भेजने अथवा उनके खिलाफ अन्य कोई कानूनी कार्रवाई करने पर रोक लगाने के लिए तीन दिन के भीतर राजपत्र में असामान्य अधिसूचना पारित करें। अमित ने कहा कि मरवाही के 700 किसानों को लगभग 20 करोड़ रुपए का कृषि ऋण पटाने के लिये भारतीय स्टेट बैंक की पेंड्रा शाखा के द्वारा नोटिस दिया गया है।

किसानों ने जब कर्जमाफी की बात बैंक अधिकारियों से की, तो अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा ऋणी किसानों के खाते में ऋण राशि जमा नहीं कराया गया है, इसलिए नोटिस देकर कर्ज की वसूली की जा रही है।