रायपुर। राजधानी में ठगी के नए तरीके ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। ओएलएक्स पर लैपटाप, मोबाइल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बेचने के लिए एड देने वालों को एक शातिर ठग निशाना बना रहा है। अब तक उसने तीन वारदातों को अंजाम दिया है।

ठग बाकायदा फोन पर बात करके सामान खरीदने के बहाने पहुंचता है और झांसा देकर सामान लेने के बाद नकद रकम देने के बजाय एटीएम कार्ड बताकर शापिंग कार्ड थमाकर भाग निकलता है। इस ठग को दबोचने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया है।

जानकारी के मुताबिक टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी अर्जुन डावटलानी पिता कन्हैया लाल (19) रायपुरा स्थित श्री सांई मोबाइल में काम करता है। अर्जुन ने खमतराई पुलिस को बताया कि उसके पास एक होनर 9 लाइट कंपनी का मोबाइल था, जिसे बेचने के लिए उसने सोशल साइट ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था।

विज्ञापन को पढ़कर अज्ञात युवक ने मोबाइल नंबर 8223840107 से कॉल कर स्वयं को सरकारी कर्मचारी और भनपुरी में ऑफिस होना बताया। दो जुलाई की शाम चार बजे उसने मोबाइल लेकर स्टेट बैंक भनपुरी चौक के पास बुलाया। अर्जुन मोबाइल लेकर वहां पहुंचा तो ठग पहले से इंतजार करता मिला।

उसने कहा कि मोबाइल बेचने के लिए तुम्हीं ने विज्ञापन दिया था क्या? इस पर अर्जुन ने हामी भरी तो ठग उसे स्टेट बैंक उरला शाखा के भीतर ले जाकर मोबाइल दिखाने को कहा। अर्जुन के मोबाइल थमाने पर उसने झांसा देते हुए कहा कि मेरे पास नकदी पैसे कम हैं, यह एटीएम कार्ड रख लो।

उसने पैसे निकालने के लिए चार डिजिट का पासवर्ड 5460 बताते हुए कहा कि एटीएम से पैसे निकालकर आ जाओ तब तक मैं तुम्हारा मोबाइल चेक कर लेता हूं। ठग के झांसे में फंसकर अर्जुन भनपुरी चौक स्थित स्टेट बैंक के एटीएम बूथ से पैसे निकालने पहुंचा। वहां जब कार्ड को देखा तो एटीएम कार्ड नहीं था, उस पर बिग बाजार लिखा हुआ था। वह तत्काल वहां से भागता हुआ बैंक पहुंचा तब तक युवक मोबाइल समेत गायब हो चुका था।

ठगी के शिकार अर्जुन की शिकायत पर पुलिस ने धारा 420 के तहत अपराध कायम कर लिया है। इसी तर्ज पर ठगी की दूसरी वारदात आंबेडकर अस्पताल परिसर स्थित कैंटीन के पास घटी।

दुर्गानगर, पंडरी निवासी भानुप्रताप पिता अर्जुन लाल (23) ने गुरुवार रात मौदहापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसने अपना लैपटॉप बेचने के लिए ओएलएक्स में एड दिया था। पांच जुलाई की सुबह 11 बजे अज्ञात ठग ने मोबाइल नंबर 8223840107, 9179553379 से उसे कॉल करके लैपटॉप खरीदने की इच्छा जताई और लैपटॉप को आंबेडकर अस्पताल परिसर कैंटीन के पास लाकर दिखाने को कहा।

कुछ देर के भीतर भानुप्रताप लैपटॉप लेकर वहां पहुंचा। ठग ने लैपटॉप देखने के बाद उसे 21 हजार रुपये में खरीदने का सौदा किया। भानुप्रताप ने सौदा मंजूर कर लैपटॉप ठग को थमा दिया। इसी बीच ठग ने छोडकर हार्ड डिस्क भी चाहिए कहकर उसे घर से लाकर देने को कहा। भानु उसकी बातों पर विश्वास कर हार्ड डिस्क लेने घर गया। कुछ देर बाद वापस लौटा तो वहां से युवक लैपटाप समेत गायब था।

ठगी की तीसरी घटना काशीराम स्कूल भनपुरी के पास घटी थी। माना बस्ती निवासी शुभम शर्मा (21) ने 27 जून को ओप्पो ए 57 मोबाइल को बेचने के लिए ओएलएक्स में विज्ञापन दिया था। सात जुलाई को शुभम के मोबाइल पर 8223840107 से अज्ञात व्यक्ति ने काल कर मोबाइल खरीदने की बात कही और काशीराम स्कूल भनपुरी के पास मोबाइल लेकर आने को कहा।

शुभम अपने दोस्त आकाश शर्मा के साथ मोबाइल लेकर वहां पहुंचा तो शातिर ठग पहले से खड़ा था। उसने 12 हजार रुपये में मोबाइल खरीदने का सौदा तय किया और शुभम को एक बंद लिफाफा यह कहकर पकड़ा दिया कि इसमें मेरा एटीएम कार्ड है जिसका पिन नंबर 5256 है। इससे 12 हजार रुपये निकाल लेना।

युवक के जाने के बाद शुभम, आकाश शर्मा के साथ पैसे निकालने के लिए पास के एटीएम बूथ पहुंचा तो लिफाफा में एटीएम कार्ड के स्थान पर एचडीबी फाइनेंस सर्विस का कार्ड और आधार कार्ड निकला। ठगी का एहसास होते ही शुभम जब तक ठग को तलाशते काशीराम स्कूल के पास पहुंचता, वह फरार हो चुका था।

हुलिए के आधार पर स्कैच तैयार

जिस तरीके से शातिर ठग लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है, उससे साफ है कि वह झांसा देने में माहिर है। ठगी के शिकार अर्जुन डावटलानी ने पुलिस को ठग का हुलिया बताया है, जिसके आधार पर पुलिस ने ठग का प्रोटेट बनवाया है। सांवले रंग के सामान्य कदकाठी के इस ठग की छोटी मूंछ है। वह चेक शर्ट पहना हुआ था। उसकी उम्र करीब 30 से 35 वर्ष है।