बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बारिश शुरू होने के साथ ही एक बार फिर सीवरेज को लेकर चिंता बढ़ गई है। जहां-जहां भी एक साल के अंदर में खोदाई हुई है वहां जमीन धंसने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बरिश होने के बाद उन सड़कों पर वाहन चलाने में विशेष सतर्कता की जरूरत है। क्योंकि नए खोदाई वाले हिस्से में जमीन धंसने का खतरा सर्वाधिक है।

सीवरेज परियोजना के तहत जमीन को खोदकर पाइप लाइन डाली जा रही है। जिन जगहों पर पाइप डाली गई है वहां अगर पानी जाता है तो सड़क धंसने की आशंका सर्वाधिक होती है। पिछले साल भी बारिश के दौरान शहर में दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर सड़क धंस गई थी। ऐसे में इस बार भी वैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि इस बार अधिकारी आश्वस्त हैं कि जमीन ज्यादा नहीं धंसेगी। क्योंकि इस बार उन्होंने पाइप लाइन डालने के बाद उसे मिट्टी से नहीं रेत से पाटा है जो पानी पड़ने के बाद भी ज्यादा नहीं धंसती। इसके बाद भी बिल्कुल नहीं धंसेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। प्री मानसून की बारिश एक बार हो चुकी है। अब जैसे-जैसे बारिश होगी वैसे-वैसे खतरा बढ़ता जाएगा। नई खोदाई वाली जगह के अलावा पुरानी जगह भी खतरे से फिलहाल बाहर नहीं है। क्योंकि पूर्व में पाइप लाइन डालने के बाद उसे मिट्टी से पाट दिया गया था। अब भी वह जगह संवेदनशील है।

सावधानी जो बरतनी चाहिए

0 सीवरेज की जहां पाइप लाइन डली है वहां वाहन खड़ा नहीं करना चाहिए।

0 रात में सड़क के बीच में चलें। क्योंकि ज्यादातर पाइप लाइन सड़क के किनारे डाली गई है।

0 सीवरेज के प्रापर्टी चेंबर के आसपास गाड़ी खड़ी न करें क्योंकि वहां दो बार खोदाई हो चुकी है।

0 नई बनी सड़क पर ज्यादा भरोसा किया जा सकता है।

यहां हुआ है सीवरेज का नया काम

0 तिलकनगर

0 सिम्स रोड

0 मानसरोवर चौक से जवाली पुल

0 लिंक रोड

0 अग्रसेन चौक

0 बलराम टॉकीज रोड

0 नेहरू चौक

0 राजीव गांधी चौक से कुम्हारपारा

निगम की व्यवस्था

सीवरेज सेल ने ठेकेदार को अलर्ट कर दिया है कि वह भवन निर्माण सामग्री गिट्टी,रेत आदि पहले से डंप करके रखे। अगर कहीं गड्ढे हुए तो तत्काल उसे पाटने की व्यवस्था करे। क्योंकि बारिश के दौरान सड़क फिर से नहीं बनाई जा सकती है।

सीवरेज के तहत जहां-जहां भी खोदाई हुई है उसे रेत से पाटा गया है। इसके बाद उसमें पानी डालकर अच्छे से जमने तक छोड़ा गया। इसके बाद सड़क निर्माण हुआ है। उम्मीद है कि इसके बाद सड़क नहीं बैठेगी। अगर फिर भी कहीं धंसी तो तत्काल उसे पाटने की व्यवस्था करने के लिए ठेकेदार को कहा गया है।

सौमिल रंजन चौबे

आयुक्त, नगर निगम