देवकर। नईदुनिया न्यूज

नगर निकट व बेरला ब्लॉक के ग्राम परपोड़ा में बीते दिनों जहां अतिक्रमण हटाने में अनियमितता बरतने की मामले ने तूल पकड़ने पर लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। वहीं अब उन्हीं प्रभावितों में एक थानुराम साहू पर फिर स्थानीय पंचायत प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम रबी फसल को काटने पर रोक लगा दी गई है। जिससे अब मामला जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है।

उल्लेखनीय है कि बेरला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम परपोड़ा विगत दिनों चर्चा में तब आया जब जिला प्रशासन के अतिक्रमण हटाने के आदेश पर बिना किसी सूचना व पटवारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की गैर मौजूदगी में सैकड़ों अतिक्रमणकारियों में से सिर्फ दो को हटाया गया। जो उस वक़्त लोगों के लिए चर्चा का विषय रहा। परंतु अब उसी प्रकार की पुनरावृत्ति घटना दोबारा उन्हीं दो में से एक थानुराम साहू पर हुई। जहां पर पूर्व में बड़ी मेहनत से बेजा पड़े 29(1) व 29(2) रकबा के 6.50 एकड़ जमीन पर तैयार किये। रबी फसल चना को अतिक्रमण मानते हुए पंचायत में अपना आधिपत्य बताते हुए ग्रामीण थानुराम साहू को फसल लेने से मना कर दिया। जिसके तहत पंचायत प्रशासन द्वारा उक्त फसल काटने पहुंचे। करीब 10 स्थानीय मदूरों को भी वहा से निकाल दिया गया। जिससे प्रशासनिक रवैये से तंग हताश होकर जिला पुलिस अक्षीक्षक प्रशांत ठाकुर को एक पपत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने अपने द्वारा मेहनत से उगाए 42 क्विंटल चने की फसल की क्षतिपूर्ति 1,75हार रुपये प्रशासन द्वारा चुकाए जाने की वकालत की। थानुराम साहू का कहना है कि अगर फसल अगर अतिक्रमण लग रही थी तो बुआई या शुरुआती चरण में ही कार्रवाई करनी चाहिए थी। जिससे फसल का नुकसान नहीं होता है। अब जब फसल पककर तैयार है तो अचानक से पंचायत की आंख खुल रहा है। भला इतने दिनों तक पंचायत क्यों मौन रहा? इस तरह क्षतिपूर्ति के साथ उन्होंने आचार संहिता के दौरान व इस तरह बिना सूचना के स्थानीय प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के ऊपर मनमानी करने पर उचित दंड के लिए जिला पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। वहीं इस मामले ने परपोड़ा के ग्रामीणों को फिर चर्चा करने पर मजबूर कर दिया। इस संबंध में परपोडा सरपंच ने कहा कि थानूराम का जमीन नहीं है। अतिक्रमण किया है। और गौठान को भी अतिक्रमण किया है उसको भी हटाया जाएगा।