देवकर। नईदुनिया न्यूज

देवकर नगर में चैत्र नवरात्रि व राम नवमी पर्व पर विभिन्ना देवी मंदिरों में नौ दिनों की तक आस्था व मनोकामना के जोत जंवारा स्थापना का विसर्जन विशेष पूजा व विधिसम्मत, धार्मिक अनुष्ठान, व मंत्रोधाार के साथ स्थानीय सुरही नदी में किया गया। इससे पहले चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन सभी देवी मंदिरों में माता रानी की विशेष पूजा आराधना किया गया। इसके बाद सभी जोत जंवारा के विसर्जन में सभी श्रद्घालुओं की भारी भीड़ उपस्थित होकर पवित्रता के साथ पंडाओं द्वारा विशेष मंत्रोधाार के साथ विसर्जन को निकली। इस दौरान सभी जोत जंवारा में सेवा मंडलियों द्वारा माता की सेवागीत गाते श्रद्घालुओं की टोली निकली। देवकर नगर के महामाया मंदिर, महामाया चौक, बस स्टैंड स्थित शीतला मंदिर, शीतला तालाब, नदीपार के संतोषी मंदिर, नगर के बीच बस्ती स्थित अंगदसोनी निवास के संतोषी मंदिर से सैकड़ों की संख्या में श्रद्घालुओं के आस्था व मनोकामना के जोत जंवारा पूरे नौ दिनों के धार्मिक अनुष्ठान के बाद विसर्जित किये गये। इस चैत्र नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक देवकर नगर व ग्रामीण अंचलों के परपोड़ा, मोहगांव, मौहाभाठा, भोजेपारा, नौकेशा, सहसपुर, राखीजोबा, डेहरी, बचेडी, बूंदेली, पेण्ड्रावन, बासींग, बुधवारा, अकलवारा, देऊरगांव, खपरीलोधी, हरडुवा, कांचरी आदि ग्रामों में भी चैत्र नवरात्रि पर्व पर नौ दिनों तक प्रज्ज्वलित किये गये। आस्था व मनोकामना के जोत जंवारा के विसर्जन पूरे धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजा व नौ दिनों तक माता के दरबार में बैठे पंडाओं द्वारा मंत्रोधाार के साथ विसर्जन किये। देवकर नगर में इस चैत्र नवरात्रि पर्व पर नगर का वातावरण पूरे श्रद्घालुओं के आस्था से भक्ति में डुबे माता की सेवा में और सभी मंदिर देवालयों में जोत जंवारा के दर्शन व माता के आशीर्वाद के लिए किये गये सेवाभक्ति के साथ धार्मिक माहौल में डुबा रहा। जहां हर कोई पूरे श्रद्धा के साथ हर माता मंदिरों में श्रद्धालु सेवा के साथ अपने-अपने मनोकामना लेकर माता दरबार में मत्था टेकते नजर आये। सभी वर्ग धर्म के लोग भी पूरे नौ दिनों तक नवरात्रि पर्व के भक्ति में डुबे रहे। इन नौ दिनो तक सभी मंदिरों में विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे और सभी मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था। जिसकी सुंदरता मंत्रमुग्ध करती थी।