थानखम्हरिया। नईदुनिया न्यूज

श्रीरामहर्षण कुंज साजा में 13 मई को जानकी जी का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। भजन-कीर्तन, प्रेम रामायण के पदों का गायन किया गया। बधाई गीत गाये व न्यौछावरी लुटाई गई। उपस्थित लोगों ने उत्सव का खूब आनंद लिया।

इस अवसर पर मंदिर के विग्रहों का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रारंभ में भजन-कीर्तन किया गया। इसके बाद प्रेम रामायण के संदर्भ जानकी जी के प्राकट्य अंश का गायन किया गया। दोपहर 12 बजे प्रकटोत्सव आरती की गई। जानकी जी के प्रकटोत्सव के बधाई गीत गाये। श्रद्घालुओं ने गायन के साथ नृत्य कर आनंदोत्सव मनाया। खूब न्यौछावरी भी लुटाई गई। अयोध्या धाम से पधारे संत भगवानदास जी ने कहा कि हमें जन्मोत्सव अपने इष्ट देवी-देवताओं का मनाना चाहिए। जो भक्त भगवान की जयंती, विवाहोत्सव धूमधाम, हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं उनके जीवन में सदा आनंद बना रहता है। महाराज जी ने कहा कि जनक नंदिनी जानकी करूणा, वात्सल्य, कृपा, दया की खान हैं वे किसी भी आश्रित जीव को दुखी नहीं देख सकती। अपने शरणागत जीव का छोटा सा कष्ट देखकर भी वे द्रवित हो जाती हैं तथा अविलंब उस पर कृपा करती हैं। जयंत, रावण आदि का अपराध अक्षम्य होने के बावजूद उन्होंने उन पर कृपा बरसायी। जीव को यदि सहजता, सुगमता से प्रभु की कृपा प्राप्त करनी हो तो उसे माता सीता की शरण में जाना चाहिए। उपस्थित लोगों ने भंडारा प्रसादी प्राप्त किया। इस अवसर पर साजा सहित आसपास के ग्रामीणों के अलावा रायपुर, बिलासपुर, बेमेतरा, कवर्धा, थानखम्हरिया, दुर्ग, मुंगेली आदि स्थानों के श्रद्घालु उपस्थित रहे।