दाढी। नईदुनिया न्यूज

इसे आप विडंबना ही कहेंगे की दाढी ग्राम पंचायत जो कि ओडीएफ पंचायत घोषित हो चुकी है। उस ओडीएफ पंचायत में जिन जिन हितग्राहियों ने इस योजना के माध्यम से शौचालय बनाया है। उन हितग्राहियों में से अधिकांश को आज तारीख तक उनका प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाया है। ये उन हितग्राहियों के लिये विडंबना नहीं तो और क्या है। जहां एक ओर अधिकांश हितग्राहियों ने कर्ज लेकर शौचालय का निर्माण किया है। तो वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन और पंचायत प्रशासन के रूख की वजह से ये हितग्राही अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हे। जबकि अधिकांश हितग्राहियों द्वारा इस शौचालय का निर्माण कर्ज लेकर किया गया है और जब कभी ये हितग्राही पंचायत प्रशासन मे जाकर उनके द्वारा बनाये गये शौचालय के प्रोत्साहन राशि की जानकारी ली जाती है। तो पंचायत प्रशासन दाढी ये कहते दिखता है कि आपके खाते मे ये राशि आ जाएगी। या फिर आपको चेक दिया जाएगा। आज एक वर्ष से भी अधिक समय हो रहे है पर इनको प्रोत्साहन राशी नहीं मिला है।

अब सवाल यह है कि आखिर इन हितग्राहियों का उनका प्रोत्साहन राशि अभी क्यों नहीं मिल पाया है और अभी तक नहीं मिलने की वजह क्या है। जब कभी इन सवालों पर जिला प्रशासन और पंचायत प्रशासन से सवाल किया जाता है। तो जो उत्तर से कई सवाल खड़े कर देते है। वो सीधे तौर पर एक-दूसरे के ऊपर आरोप लगते है कि अभी तक जिला प्रशासन से कोई इस बात बाबत जानकारी नहीं आई है। जैसे ही पैसा आने की जानकारी मिलती है। वैसे ही हितग्राहियों के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा। तो वहीं जिला प्रशासन ये आरोप लगता है कि पंचायत प्रशासन द्वारा अगर सही समय में सारे हितग्राहियों का नाम भेज देती तो आज सभी हितग्राहियों को उनका प्रोत्साहन राशि मिल जाती। आज एक वर्ष से भी अधिक समय हो चुकी है। लोगों को शौचालय बनाये और वहीं एक वर्ष से भी अधिक समय हो चुकी है। दाढी को ओडीएफ पंचायत घोषित हुए। जिला प्रशासन और पंचायत प्रशासन के आपसी मतभेद की वजह से आज इन हितग्राहियों को उनका प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है। इसके लिए आखिर किसे दोषी माना जाये। जबकि अधिकांश हितग्राही बीपीएल के अंतर्गत आते है और अधिकाश लोगों ने कर्ज लेकर शौचालय बनाया है।

इन पचायतों में भी नहीं मिला प्रोत्साहन राशि

ग्राम पंचायत कुरदा, ग्राम पंचायत चिल्फी, ग्राम पंचायत उमरिया, ग्राम पंचायत सुखाताल, ग्राम पंचायत बैहरसरी, ग्राम पंचायत बंधी, ग्राम पंचायत कठौतिया, ग्राम पंचायत छिरहा, ग्राम पंचायत लालपुर, ग्राम पंचायत जाता, ग्राम पंचायत सनकपाट, ग्राम पंचायत नवागांव कला आदि और भी पंचायत है। जहां लोगों को उनका प्रोत्शाहन राशि नहीं मिला है। वहीं इतने व्यापक रूप से लोगों को उनकी राशि नहीं मिल पाई है और एक वर्ष से शासन-प्रशासन में बैठे लोग लोगों के इस परेशानी की ओर आंख मुदकर बैठे नजार आ रहे है। वो कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

15 करोड़ का अधिक बकाया

गौर करनी वाली बात यह है कि इस योजना में पूरे बेमेतरा जिले में हितग्राहियों के प्रोत्साहन राशि 15 करोड़ पचास लाख रुपये की राशि बकाया है। ये जानकारी मिल रही है कि जिसे एक वर्ष से भी अधिक समय हो चुकी है।

क्या कहता है ग्रामीण

1- मुरीत नारायण कुर्रे दाढी पंचायत निवासी का कहना है कि जब शौचायल नहीं बना रहे थे। तो पंचायत प्रशासन द्वारा ये आश्वासन दिया गया की जैसे ही आप शौचालय बनायेंगे वैसे ही आपको प्रोत्साहन राशि तत्काल दी जाएगी। आज एक वर्ष हो चुकी है। पर आज तक उनको उनका प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाया है।

2-गौरेलाल कुम्भकार दाढ़ी निवासी का कहना है कि कर्ज लेकर शौचालय बनाया है। जब भी शौचालय निर्माण का पैसा लेने जाते है। उनको पैसा नहीं आने की जानकारी दी जाती है। उनका कहना है कि जिन लोगों से कर्ज लिया है। वो अब उनको परेशासन कर रहे हैं। गौरेलाल का कहना है कि शौचालय बनाकर फंस गये है।

3-बुटिया भोई दाढ़ी निवासी का कहना है कि वो पिछले एक वर्ष से पंचायत का चक्कर काट रहे हैं। शौचालय निर्माण के पैसे के लिए उनको हर बार खाता नंबर पूछकर वहां से कहाकर भेज दिया जाता है। आपके खाते में पैसा आ जाएगा। परंतु एक वर्ष होने को है। आज तक उनका पैसा खाते में नहीं आया है।

' मुझे बेमेतरा जिला का सीईओ बने अभी दो ही दिन हुए है। आपके माध्यम से मुझे शौचालय निर्माण करने वालो को प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने की जानकारी मिल रही है। मैं इसकी जांच करता हूं। आकिर उसकी वजह क्या है।

प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ बेमेतरा

' पूरे जिले में 15 करोड़ पचास लाख के आसपास शौचालय निर्माण की राशि रूकी हुई है। जिसका डिमांड ड्राफ्ट बनाकर भेज दिया गया।'

महादेव कावरे, कलेक्टर बेमेतरा