देवकर। नईदुनिया न्यूज

नगर देवकर में बीते कई महीनों से लगातार अपने रहवासी इलाके में व्यवस्था व सुविधा के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे डीहपारा वार्ड क्र 10 व 12 के रहवासी आखिरकार सिस्टम की चमचमाहट और जमीनी हकीकत का हाल देखकर मायूस होते हुये यथास्थिति में जीने को मजबूर हुए।

विदित हो कि इन दिनों नगर में जगह जगह सूचना बोर्डों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता के नाम पर ढोल पिट रही है!किंतु असली हक़ीक़त का सामना डीहपारा वार्ड-10 व 12 के रहवासी कर रहे हैं। न कोई इन गरीबों की बात सुन रहा है न प्रशासन को कोई परवाह। बस जैसे तैसे लोग इन इलाकों में बदबू, कीचड़ व अंधेरे में जीने को मजबूर है!इस इलाके में बसे रहवासियों के घरों के आसपास पूरे डीहपारा इलाके के नाली के पानी को छोड़ा जा रहा है। जिससे इन रहवासियों का इलाका दलदालनुमा कीचड़युक्त है जहां कभी भी अनहोनी की आशंका बनी हुई है। क्योंकि घर के तीन तरफ व रेड किनारे कई फिट के खतरनाक कीचड़ व जलकुम्भी युक्त दलदल है। बधो लगातार खेलते रहते है। वहीं न रात्रि में लाइट की व्यवस्था है न आसपास पीने के पानी की। वहीं रोड की हालत तो बदतर है। इसके साथ इलाके में भयंकर व भयानक बदबू व गंदगी के बीच गुजारा करना पड़ता है। इसके अलावा इन इलाकों पर कभी कोई अधिकारी या कर्मचारी देखने या व्यवस्था करवाने नही आता, जिससे ये लोग मायूस होकर अब गुहार लगाना छोड़ दिये है!जैसे तैसे अपने इलाकों में दुबककर जीने को मजबूर है। असल हक़ीक़त यह है कि नगर पंचायत प्रशासन सालाना लाखों रुपया सिर्फ अपने प्रचार-प्रसार में खर्च करता है, वही जहां असल खर्च की जरूरत है। वहां पर कोई जरूरत नहीं समझता जो समझ से परे है। जिम्मेदार लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे जो और भी निंदनीय है। आखिरकार इस इलाके के रहवासी अपनी हक़ के लिए आज आवाज उठा उठा कर थक गए। फिर भी जनता को सुविधा और व्यवस्था में लापरवाही के प्रति मौन रहकर जिम्मेदार लोग अपनी कमजोरियां छिपा रहे है। जो काफी गंभीर है।