बेमेतरा। नईदुनिया न्यूज

बेमेतरा शहर के भीतर लगातार बढ़ रहे यातायात के दबाव व वाहनों की संख्या से जहां शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा कर रह गई है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाइपास का मुद्दा केंद्र सरकार या राज्य सरकार का फाइल उलझ कर रह गी है।

हालांकि अभी राज्य सरकार द्वारा एक नई बाइपास की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए विभाग द्वारा काम भी युद्घ स्तर में किया जा रहा है। किंतु इन सबके पहले शहर के भीतर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के अधूरी सड़क निर्माण जो करीब चार किलोमीटर का है। इस पर शहरवासियों की मांग पर वन वे ट्रैफिक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा बजट में शामिल किया गया है, लेकिन अभी राज्य सरकार द्वारा इसे स्वीकृति नहीं दी गई है।

वन वे ट्रैफिक से शहरवासियों को मिलेगी राहत

राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा बाइपास बनाने की मंशा को लेकर छोड़े हुए क्षेत्र शहर के भीतर से होकर गुजरती है। इसकी लंबाई लगभग चार किलोमीटर है। आवश्यकता है कि इस पर डिवाइडर लगाकर वन वे ट्रैफिक बनाने की। हालांकि विभाग द्वारा इस ओर प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही इस पर क्रियान्वयन होने की उम्मीद भी विभाग जता रही है और यदि ऐसा हो पाता है तो बाइपास से पहले शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए यह एक कारगर पहल साबित हो सकता है।

शहर में यातायात व्यवस्था का हाल-बेहाल

शहर के भीतर जिस तरह से जिला बनने के बाद यातायात की व्यवस्था चरमरा कर रह गई है। जिस रफ्तार से सड़कों में वाहनों की संख्या में इजाफा हुई है उस अनुपात में न तो यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने का ही कोई कारगर प्रयास किया गया है। न ही प्रशासन इसे गंभीरता से ले रही है। हालांकि शहर के भीतर दुर्घटना होने से स्थानीय प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों में इस मुद्दे को लेकर सार्थक पहल करने की बात आए दिन कहीं जाती है। किंतु उक्त बातें दुर्घटना के महज कुछ दिन तक ही रह पाती हैं। बाद में पुराने ढर्रे पर ही यातायात व्यवस्था सड़कों पर नजर आती है। लोग हलाकान होते रहते हैं। किंतु प्रशासन या यातायात विभाग इस ओर झांकना भी आवश्यक नहीं समझती है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के दोनों किनारे बेतरतीब तरीके से फल वाले ठेले वाले व अन्य व्यवसाय करने वाले सड़क के दोनों किनारे जिस तरह कब्जा कर अपने व्यवसाय को बेखौफ होकर अंजाम देते हैं इस पर समुचित कार्रवाई की आवश्यकता है। ताकि सड़क के दोनों ओर फुटकर व्यवसायियों को कब्जे से मुक्थ कराया जा सके और यदि ऐसा हो पाता है तो निश्चित रूप से शहरवासियों को तात्कालिक रूप से राहत मिल सकती है। दुर्घटना में भी कमी आ सकती है।

बाइपास का मुद्दा व शहर के भीतर डिवाइडर कर वन वे ट्रैफिक किए जाने दोनों के मामले पर विभाग अपने स्तर पर काम कर रही है। उनकी पहली प्राथमिकता होगी शहर के भीतर डिवाइडर लगाकर वन वे ट्रैफिक किया जा सके। जिससे लोगों को यातायात के दबाव से कुछ हद तक निजात दिलाई जा सके।

एमआर जाटव, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग