फोटो : 14जानपी 1, 2- श्रद्घालुओं को कथा श्रवण कराते आचार्य

महामाया मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा

अकलतरा।नईदुनिया न्यूज कलयुग में भागवत कथा का श्रवण ही मुक्ति के लिए पर्याप्त है। ये बातें ग्राम किरारी के मां महामाया मंदिर प्रांगण में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का श्रवण कराते हुए पं. देवशरण दुबे ने कही।

उन्होंने बताया कि भागवत की कथा श्रवण से भक्तों एवं श्रद्धालु श्रोताओं को रिद्धि-सिद्धि की प्राप्त होती है। क्षण भर की कथा श्रवण मात्र से ही भक्तों को कभी कष्ट नहीं होता। सतयुग, त्रेता तथा द्वापर में तो मनुष्य के लिए अनेक धर्म-कर्म का वर्णन किया गया है, लेकिन कलयुग में भागवत पुराण का श्रवण करना बड़े धार्मिक आचरणों में से एक है। कलयुग में धर्म, कर्महीन तथा आचारहीन मनुष्यों के कल्याण के लिए ही व्यास जी ने पुराण अमृत की सृष्टि की थी। बड़े-बड़े व्रतों, तीर्थ यात्राओं, वृहद् यज्ञों या तपों से भी वह पुण्य फल प्राप्त नहीं होता जो श्रीमद् भागवत पुराण के कथा श्रवण से प्राप्त होता है। श्रीमद् भागवत पुराण कथा सप्ताह के दौरान संगीतमय भजन मंडली द्वारा भजन कीर्तन किया जा रहा है। कथा श्रवण का समय दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक है। श्रद्धालु एवं नगरवासी बड़ी संख्या में श्रीमद् भागवत पुराण कथा का श्रवण लाभ ले रहे हैं। कथा आयोजनकर्ता राजेन्द्र कुमार साहू द्वारा कथा श्रवण लाभ के लिए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।

----------------------------------------------------