भिलाई, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार तीज पर पांच हजार महिला कर्मियों ने अवकाश के लिए आवेदन लगाया है। इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के ही चार हजार कर्मचारी हैं। शेष एक हजार कर्मचारी दीगर विभागों में कार्यरत हैं। तीज पर्व पर महिलाएं अपने मायके में रहकर व्रत करती हैं।

छत्तीसगढ़ में इसका अपना अलग ही महत्व है। इसलिए सरकारी दफ्तरों में काम करने वाली हर महिला कर्मियों ने अपने अपने विभागों में अवकाश के लिए आवेदन लगाया है। 12 सितंबर को छुट्टी के लिए आवेदन लगे हैं। वहीं दूसरे दिन यानी 13 सितंबर को शासकीय अवकाश घोषित है।

इन दिनों छुटि्टयों पर लगा ग्रहण भिलाई में डेंगू फैला हुआ है और यहां करीब 300 महिला स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी दे रही हैं। इसके अलावा महिला डॉक्टर भी हैं जिनके अवकाश लेने पर प्रशासन ने डेंगू की वजह से रोक लगा रखी है।

इसी तरह आगामी चुनाव को लेकर निवार्चन से संबंधित कामकाज चल रहा हैं। इनमें शिक्षा विभाग की 100 से ज्यादा शिक्षिकाएं ड्यूटी दे रही हैं। इसके अलावा अन्य विभागों की महिला कर्मियों की भी ड्यूटी निर्वाचन संबंधी काम में लगाया गया है। इन विभागों में प्रशासनिक कामकाज भी महिला अफसर संभाल रही है।

स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में छुट्टी मंजूर

तीज को देखते हुए स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग ने 12 सिंतबर को विवाहित महिला कर्मियों की छुट्टी मंजूर कर दी है। शिक्षा विभाग ने अविवाहित शिक्षिकाओं को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अध्यापन की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग कॉलेज छात्राओं को जिम्मेदारी दी है।

तीज पर्व छग का पारंपरिक पर्व है। विवाहित महिला शिक्षिकाओं का यह विशेषाधिकार है। 12 सिंतबर को छुट्टी संस्था प्रमुखों ने दी है। निवार्चन कार्य में लगी शिक्षिकाओं के बारे में निवार्चन अधिकारी ही फैसला लेंगे। - हेमंत उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी

दुर्ग-भिलाई के प्रभावित इलाके में विवाहित महिला कर्मियों की जगह अविवाहित महिला कर्मचारी और नर्सिंग कॉलेज की छात्र-छात्राओं को अब जिम्मेदारी सौंपी गई है। -डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर, सीएमएचओ