भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

बीएसपी के यूनिवर्सल रेल मिल में बड़ा बदलाव किया गया है। रोलिंग के दौरान रेल पटरी पैनल से टकरा जा रही थी। इस समस्या का समाधान कर लिया गया है।

चार रोल टेबल पैनल से 95 विद्युत रोलर मोटर लगे हैं। जिस लोकेशन में पैनल था, उसमें रोलिंग के समय गर्म रेल पटरी टकरा सकती थी। इसकी आशंका हर वक्त बनी रहती थी। इसको दूर करने के लिए कैपिटल रिपेयर के दौरान ही डिस्ट्रीब्यूशन पैनल को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। यह काम आंतरिक संसाधनों से किया गया है।

बीएसपी के सीआरएमई विभाग द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र की यूनिवर्सल रेल मिल में कैपिटल रिपेयर के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा मॉडिफिकेशन किया गया। बीएसपी वर्कर्स यूनियन के सेंट्रल जोन प्रभारी इलेक्ट्रिकल शिवबहादुर सिंह ने बताया कि महाप्रबंधक (विद्युत) पीके सरकार के मार्गदर्शन में काम किया गया।

सहायक महाप्रबंधक सीआरएमई सुभाष राठौर, अरुण कुमार दास, मानस रंजन रथ के नेतृत्व में आंतरिक संसाधनों से रोल टेबल क्यूबिकल पैनल को डिसलोकेशन करने का काम किया गया, जो सुरक्षा के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण कार्य माना जा रहा है। इस कार्य को करना बहुत कठिन था। इसके लिए निर्धारित समय के पहले ही सीआरएमई टीम ने इस कार्य को पूरा कर लिया। शिवबहादुर सिंह ने कहा कि इस प्रकार के विशेष कार्यों के लिए कर्मचारियों को उचित प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

जान-माल का भी रहता था खतरा

शिवबहादुर सिंह ने बताया कि रोलिंग के समय गर्म रेल पटरी टकरा जाने की आशंका से हर समय तनाव जैसे हालात रहते थे। ऐसा होने से पैनल डैमेज होता, विद्युत केबल जल जाते, उत्पादन प्रभावित होता और और कोई दुर्घटना भी घट सकती थी। खतरे का निराकरण करते हुए मैकेनिजम सेक्शन-15, 16, 17 के चार रोल टेबल डिस्ट्रीब्यूशन पैनल को एमसीसी रूम के अंदर सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने का काम किया गया। सभी 95 रोल टेबल मोटरों का केबल रूट बदल कर नया रूट से केबल डाला गया।

कर्मचारियों में कूट-कूटकर भरा हूनर

महाप्रबंधक पीके सरकार ने पीएसडी, एचएमई, ईआरएस, टेलीकॉम, ईटीएल, टीपी एंड आईई सहित सीआरएमई कलेक्टिव के कार्मिकों का हौसला बढ़ाया है। कहा कि जिस प्रकार से यह काम किया गया है उससे प्रतीत होता है कि हमारे कर्मचारियों में हुनर कूट-कूट कर भरा हुआ है। जरूरत है उसे सही दिशा और सही जगह पर प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने सुरक्षा के प्रति कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार से सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

इन होनहार के हाथों सुधरी व्यवस्था

एसपी गुप्ता, एस श्रीकुमार, केएस राव, अविनाश अग्रहरि, एमआर कारे, डीपी श्रीवास, राजूलाल, एस. विश्वास, ओपी वर्मा, कन्हैया साव, रुक्मंगद राव, गणेश वर्मा, गोकुल वर्मा, अब्दुल कय्यूम, मोहन लाल गनवारे, एके सिन्हा, एके दुबे, एमएम साबरे, एनके साहू, सुरेंद्र नाथ, सोमनाथ, एम. अप्पाराव, के. मोहन राव, प्रदीप जाड़े, बाल मुकुंद साहू, आरआर रंगारी, शरद पांचाल, मुकतल राव, एलपी वर्मा, सुरेश नवदेती, पीके मेश्राम, देवेंद्र कुमार, अलेन्द्र, रुषि बाग, इंद्रपाल सिंह आदि विभागीय कर्मचारियों एवं पीआरडब्ल्यू कर्मचारियों का विशेष योगदान था।