भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

पार्षदों ने आरोप लगाया है कि सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। जो दिख रहा है वो हवा हवाई है। सिर्फ दिखावे के लिए सफाई की जा रही है, पड़ताल में पाया गया कि सफाई महकमें में हुए फेरबदल की वजह से इसका असर अंदरुनी सफाई पर पड़ा है।

बता दें कि बीते शुक्रवार को सुपेला क्षेत्र के पार्षदों ने आरोप लगाया था कि भिलाई निगम प्रशासन सिर्फ दिखावे की सफाई कर रहा है। सार्वजनिक सफाई के नाम पर शहर की मुख्य सड़कों की धुलाई व धूल समेटने का काम किया जा रहा है, जबकि हर वार्ड में भारी गंदगी है, नालियां चोक है।

पड़ताल में ये कारण आया सामने

पार्षदों के आरोप को लेकर नईदुनिया ने पड़ताल की। पाया कि सारी व्यवस्था स्वास्थ्य महकमें से ही चौपट है। बीते दो तीन महीने में जरुरत से ज्यादा एक्सपेरिमेंट किया गया है। महामारी के दौरान जो प्लान तय किया गया था, उसे ध्वस्त कर नया प्लान बना दिया गया। अलग-अलग जोन व वार्ड की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारियों का यहां-वहां तबादला कर दिया गया। कई वार्ड के सुपरवाइजर काफी नाराज है। सफाई कर्मी में रोज-रोज के नए आदेश से तंग आ चुके हैं।

स्वास्थ्य महकमें में भारी नाराजगी

स्वास्थ्य महकमें में अधिकारी व कर्मचारियों में भारी खींचतान है। महामारी के दौरान काम को लेकर जो एकता व गंभीरता थी वो अस्त व्यस्त हो गई है। दफ्तर से लेकर फील्ड तक यही चल रहा है। वार्डों में सफाई न हो पाने का सबसे कारण यही है। पार्षदों ने जो आरोप लगाया था उसका कारण स्वास्थ्य महकमें में आपसी खींचतान है।

'नहीं ऐसा नहीं है। सब सामंजस्य बनाकर काम कर रहे हैं। आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों का पालन किया जा रहा है। कर्मचारियों का फेरबदल को रुटीन का हिस्सा है। यह तो हर विभाग में होता है। जहां सफाई नही होने की शिकायत आई है उसे चेक कराया जा रहा है।'

-धर्मेंद्र मिश्रा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम भिलाई