भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

11 दिसंबर को होने वाली मतगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पुलिस ने तीन लेयर में सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों समेत करीब 500 जवानों को तैनात किया जाएगा। मतगणना केंद्र में सिर्फ आरओ, एआरओ और ऑब्जर्वर को ही मोबाइल ले जाने की अनुमति होगी। इनके अलावा किसी को पेन तक ले जाने की इजाजत नहीं होगी। शनिवार को एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में बैठक लेकर सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को इसकी जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को रायपुर में जिलेभर के पुलिस अधीक्षकों को मतगणना की सुरक्षा के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बाद एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने शनिवार को जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों से निर्वाचन आयोग की जानकारी साझा की। एसएसपी डॉ. शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि त्रि स्तरीय सुरक्षा घेरे के आसपास किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को भटकने तक की इजाजत नहीं होगी। केवल पासधारक ही इन घेरों के दायरों में आ सकेंगे। मतगणना सेंटर तक पहुंचने के पहले सभी की पूरी जांच होगी। मोबाइल और पेन तक बाहर छोड़कर जाना होगा। मतदान केंद्र के भीतर छह आरओ, छह एआरओ और छह ऑब्जर्वर को ही मोबाइल ले जाने की इजाजत दी गई है।

सुबह पांच बजे से पहुंच जाएंगे पुलिस के जवान

बैठक में एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि सभी अधिकारी और जवान सुबह पांच बजे ही मतदान केंद्रों पर पहुंच जाएंगे। छह बजे तक तक मतगणना कर्मियों और गणना अभिकर्ताओं को पहुंचना है। गेट पर पास दिखाने के बाद सभी को गेट पर ही पूरी जांच करने के बाद उन्हें उनके संबंधित विधानसभा के टेबल तक जाने दिया जाएगा। गणना अभिकर्ताओं को पेन और कैल्कुलेटर भी मतगणना कक्ष के भीतर ही दिया जाएगा। वे अपने साथ पैड रख सकेंगे।

नतीजों के बाद के लिए होगी अलग व्यवस्था

मतगणना के बाद नतीजों के लिए पुलिस ने अलग से व्यवस्था की है। हालांकि निर्वाचन आयोग ने किसी भी तरह के विजय जुलूस और रैली पर पाबंदी लगा दी है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने अपनी ओर से तैयारी की है। पुलिस ने छह एडी स्क्वाड (दंगा रोधी बल) की व्यवस्था की है। जिसमें एक एडी स्क्वाड कुम्हारी, दूसरा छावनी और तीसरा पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात रहेगा। बाकि के तीन एडी टीम को मतगणना स्थल पर रखी जाएगी।

पुलिस कर्मी भी रहेंगे बिना मोबाइल के

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार मतगणना कार्य में संलग्न किसी भी पुलिस अधिकारी व जवान को भी मोबाइल रखने की इजाजत नहीं होगी। डीएफएमडी गेट पर पुलिस कर्मियों की भी जांच होगी। वे अपने साथ सिर्फ वायरलेस सेट ले जा सकेंगे। मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार के मैसेज को पहुंचाने और उस पर एक्शन लेने के लिए वायरलेस सेट पर अलर्ट रहना होगा। जिन पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगेगी, उनके लिए भी पास जारी किया जा रहा है।

सिर्फ एक अभिकर्ता के साथ जा सकेंगे प्रत्याशी

प्रत्याशियों के प्रवेश के लिए अलग-अलग गेट तो बनाए गए हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ एक अभिकर्ता के साथ ही अंदर जाने की अनुमति होगी। वे अपने साथ पीएसओ को भी नहीं रख सकेंगे। मतगणना की गतिविधियों को देखने के बाद मीडिया रूम के पास ही प्रत्याशियों के लिए भी कक्ष रहेगा। जहां पर उनके लिए टीवी और टेलीफोन की व्यवस्था रहेगी। प्रत्याशियों को यदि किसी परिचित से बात करना हो तो वे वहां के लैंडलाइन का ही इस्तेमाल करेंगे।

इस तरह की रहेगी सुरक्षा व्यवस्था

आउटर कॉर्डन - त्रि स्तरीय सुरक्षा घेरा में पहला घेरा होगा आउटर कॉर्डन। जिसमें डी मार्ट और सर्विस लेन की तरफ ड्रॉप गेट बनाए जाएंगे। नेशनल हाइवे की तरफ से प्रत्याशियों, अभिकर्ताओं, गणना अभिकर्ता और मीडिया कर्मियों को प्रवेश की अनुमति होगी। जुनवानी की तरफ आउटर कॉर्डन के देना बैंक और शंकराचार्य कॉलेज की तरफ से दो गेट होंगे। देना बैंक की तरफ वाले गेट से गणना अधिकारियों को प्रवेश दिया जाएगा। वहीं शंकराचार्य के गेट की तरफ से ऑब्जर्वर, आरओ और एआरओ जाएंगे।

इनर कॉर्डन - आउटर कॉर्डन के गेट से प्रवेश करने के बाद इनर कॉर्डन का घेरा शुरू होगा। नेशनल हाइवे की तरफ से आने वालों के प्रवेश के लिए नौ डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) गेट बनाए जाएंगे। यहां पर सभी लोगों की पूरी जांच होगी और फिर अंदर जाने दिया जाएगा। नौ गेट में एक गेट मीडिया कर्मियों के लिए, दूसरा गेट महिलाओं और तीसरा गेट प्रत्याशियों के लिए होगा। बाकि के छह गेट से छहों विधानसभा के गणना कर्मचारी जाएंगे। वहीं जुनवानी की तरफ 13 डीएफएमडी गेट बनाए जाएंगे। जिसमें छह गेट गणना अभिकर्ताओं के लिए, छह गेट से आरओ, एआरओ और ऑब्जर्वर जाएंगे। एक गेट कंट्रोल रूम व सेंट्रल टेबुलेशन सेंटर के लिए होगा। इन गेटों पर पासधारकों को वाहन समेत जाने की इजाजत होगी।

आइसोलेशन कॉर्डन - दो सुरक्षा घेराओं के बाद तीसरा घेरा आइसोलेशन कॉर्डन होगा। इसके दायरे में स्ट्रांग रूम और मतगणना कक्ष होगा। इस घेरे के भीतर सिर्फ आरओ, एआरओ व ऑब्जर्वर, गणना अधिकारी और अभिकर्ता होंगे। इस दायरे के भीतर पुलिस कर्मी भी नहीं जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से हर विधानसभा के मतगणना कक्ष के लिए एक डीएसपी व निरीक्षक स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की गई है। वे अंदर रहेंगे और गणना में संलग्न शासकीय कर्मचारियों के बुलावे पर पुलिस कर्मी अंदर जाएंगे।