दुर्ग। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों के मतों की गिनती 11 दिसंबर को शंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज जुनवानी में की जाएगी। मतगणना सुबह आठ बजे प्रारंभ होगी और सबसे पहले डाकमत पत्रों की गणना की जाएगी।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में शनिवार को एमजीएम सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर-6 भिलाई में मतगणना के लिए नियुक्त मतगणना पर्यवेक्षक एवं गणना सहायकों और डाक मतपत्र गणना दल को जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि मतगणना के समय सावधानीपूर्वक कंट्रोल यूनिट में प्रदर्शित रिजल्ट प्रत्याशियों अभिकर्ताओं, गणना सहायकों को दिखाये। गणना सहायक इवीएम में प्रदर्शित परिणाम को क्रमांकवार प्रारूप-17 सी के भाग दो में सावधानीपूर्वक भरेंगे। गणना सहायकों को निर्देशित किया गया है कि वे परिणाम को सही एवं सावधानीपूर्वक प्रपत्र में भरेंगे। उन्हें अपने निर्धारित टेबल पर ही रहने के निर्देश दिए।

एक घंटे पूर्व उपस्थित होने के निर्देश

मतगणना के लिए लगे सभी पर्यवेक्षक, मतणना सहायकों को एक घंटे पूर्व मतगणना कक्ष में उपस्थित होने कहा गया है। प्रत्येक टेबल में तीन कर्मचारी मतगणना सुुपरवाइजर, मतगणना सहायक तथा माइक्रो आब्जर्वर होंगे। मतगणना कक्ष में किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को मोबाइल एवं पान गुटखा अन्य सामग्री अंदर लाना प्रतिबंधित होगा। सर्वप्रथम डाक मतपत्रों की गिनती होगी। उसके पश्चात इवीएम से प्राप्त वोटों की गिनती रिटनिर्ग अधिकारियों की घोषणा उपरांत प्रारंभ की जाएगी। जबकि डाकमत पत्रों की गणना जारी रहेगी। प्रशिक्षण में डाक मतपत्र का लिफाफा खोलने, घोषण पत्र का मिलान करने, संबंधित प्रत्याशियों के खाने में अलग-अलग रखने, वैध-अवैध मतों को अलग रखने, बंडल बनाने तथा अलग-अलग लिफाफों में रखने के संबंध में मास्टर्स ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

सबसे पहले लाया जाएगा कंट्रोल यूनिट

इवीएम की गणना के लिए सर्वप्रथम टेबल में कंट्रोल यूनिट लाया जाएगा तथा मतपत्र लेखा भाग-दो अलग से दो प्रतियों में दिया जाएगा। उसके पश्चात कंट्रोल यूनिट में लगे सील की जांच कर उसे खोलेंगे। इसके पश्चात टोटल बटन दबायेंगे। इवीएम में प्रदर्शित टोटल मतदान को मतपत्र लेखा के भाग-1 से मिलान किया जाएगा। तत्पश्चात रिजल्ट का बटन दबाया जाएगा। इवीएम में प्रदर्शित परिणाम को टेबल पर उपस्थित अभिकर्ता को दिखाया जाएगा।

वीवीपैट की गणना के लिए अलग काउटिंग बूथ

इवीएम से मतगणना समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक विधानसभा की एक वीवी पैट मशीन के पर्चियों की मतगणना रेण्डम आधार पर की जाएगी। इसके लिए वीवी पैट काउंटिंग बूथ बनाया जाएगा। एक टेबल में जो कि तीन तरफ से जाली से घिरी होगी में वीवी पैट मशीन रखकर प्राप्त मत पर्चियों की गणना की जाएगी। प्रशिक्षण में बताया गया कि वीवी पैट से सावधानीपूर्वक पर्चियों को निकालकर गिनती करना है। गिनती पश्चात पर्चियों को वापस वीवी पैट में डाल दी जाएगी।

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