भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

बीएसपी में हादसे-दर-हादसे होते जा रहे हैं। व्यवस्था में परिवर्तन हुआ लेकिन हादसे और लापरवाही नहीं रुकी। तमाम उथल-पुथल के बीच संयंत्र के मुखिया एके रथ शांति की तलाश में जुटे हैं। अपने कार्यालय में ही शांति-स्थल बना दिया है। यहां आने वालों को पहले इस स्थल का दर्शन कराया जाता है। शांति-मन से कामकाज का पाठ पढ़ाया जाता है। बावजूद, कोई खास सकारात्मक नतीजा नहीं दिख रहा।

नौ अक्टूबर 2018 को कोक ओवन गैस हादसा हुआ था। 14 कार्मिकों की मौत तत्कालीन सीईओ, जीएम और डीजीएम को सस्पेंड किया गया था। इसके बाद नए सीईओ के रूप में एके रथ आए। कोई बदलाव नहीं हुआ।

0 पांच फरवरी को एसएमएस-1 में रामकुमार ध्रुव की मौत हुई थी। नौकरी की मांग को लेकर आश्रित ने 12 दिन तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया था।

0 दो अप्रैल को एसएसपी-3 के मशीन नंबर दो में पांचवीं मंजिल पर कन्वेयर बेल्ट में कर्मी का हाथ फंसने से चमड़ी उधड़ गई।

0करीब तीन माह पूर्व एसएमएस-3 में लेडल फटा था। वहीं, एसएमएस-2 में लेडल पंक्चर होने से मेटल बह गया था।

0 अप्रैल प्रथम सप्ताह में ब्लास्ट फर्नेस-8 में लेडल छलकने से कर्मी जख्मी हुआ।

0 तीन माह पूर्व यूआरएम के रोलिंग टेबल से रेल पटरी छटक गई थी। कर्मचारी की जा बाल-बाल बची थी।

0एक माह पूर्व लांग रेल एरिया में क्रेन बूम ऑपरेटर की केबिन से टकरा। यहां भी कर्मचारी की जान बची थी।

0चार मई को नंदिनी खदान में संदिग्ध आग लगी। 183 मीटर लंबा कन्वेयर बेल्ट जल गई। 12 दिन उत्पादन ठप रहा। 0 सात मई को सीटू के महासचिव योगेश सोनी पर जानलेवा हमला किया गया। भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने पर बीएसपी मौन रहा। ठेकेदार ने हमला कराया।

0 12 और 13 मई को रेलमिल में दो अलग-अलग हादसे हुए है। कार्मिक जख्मी हुए। प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा।