भिलाई, नईदुनिया प्रतिनिधि। कर्मभूमि ओमान और दुबई छोड़ मातृभूमि के 'क्लीन ड्राइव' पर 52 साल की महिला अकेले ही निकल चुकी हैं। 25 राज्य और चार केंद्र शासित राज्यों के जंगल, शहर और गांवों में पब्लिक टॉयलेट, साफ-सफाई और सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दे रही हैं। एनआरआई संगीता श्रीधर की उम्र 52 साल है। पास में एक कार है, जिसमें लकड़ी का बेड, छोटी सी कैंटीन, लगेज स्टोर और स्वच्छता का सारा सामान...। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता सिद्धांत को अपनाने वाली संगीता 50 हजार किलोमीटर तक संदेश बांट रही हैं। 12 अगस्त 2018 को मुंबई से सफर शुरू किया, जो मार्च में पूरा होने जा रहा है।

पेट्रोल पंप, पुलिस थाना परिसर या किसी बस्ती में गाड़ी रोककर लोगों से संवाद करती हैं। जीपीएस सिस्टम से लैस गाड़ी और आधा दर्जन से ज्यादा एप की मदद से अकेले ही ड्राइव करती। भिलाई पहुंचने से पहले संगीत का कारवां जगलपुर के जंगलों से गुजरा। महिलाओं ने अतिथि देवो भव: का संदेश दिया और कहा-यहां नक्सल से नहीं महिलाओं के हौसले से हम आगे बढ़ रहे हैं। इसी हौसले को सलाम करते हुए भिलाई स्टील प्लांट पहुंची। यहां ब्लास्ट फर्नेस में महिलाओं को काम करते देखा तो नारी शक्ति और मजबूत हुई। पिघलते लोहे के सामने फोटो खिंचवाई तो हौसला फौलादी हो गया। इसके बाद बीएसपी पर चार पंक्तियां भी अंग्रेजी में लिखकर भारत की तकदीर में इसका जिक्र किया।

150 शहर पहुंची, खाना एल्यूमिनियम के डिब्बे में ही

मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया की थीम पर काम करते हुए हैंडलूम की साड़ी और देश के इंजीनियरों द्वारा तैयार एप को ही इस्तेमाल करती हैं। होटल में खाना और बोतल बंद पानी के बजाय रोज 100 स्र्पये का खाना ही खाती हैं। आम आदमी के संघर्ष की तरह जी रहीं। पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करती हैं। फोटो और आसपास की सफाई या गंदगी के बारे में नेशनल अभियान से जुड़े एप पर अपलोड भी करती हैं। गांधीजी की 150वीं जयंती को यादगार बनाते हुए 150 शहरों से नाता जोड़ रही हैं।

45 मिनट तक फौलादी हौसले से सामना

300 किलोमीटर का सफर रोज तय करती हैं। सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश देते हुए खुद 40 से 70 किलोमीटर की स्पीड में गाड़ी चलाती हैं। भिलाई स्टील प्लांट पहुंची तो यहां 45 मिनट तक फर्नेस, स्टील मेल्टिंग शॉप और यूनिवर्सल रेल मिल में समय गुजारा। टाउनशिप की चौड़ी सड़क और साफ-सफाई देखते ही फौरन फोटो खींचा और अपलोड करती गईं। तारीफ के पुल भी बांधे।