भिलाई, नईदुनिया प्रतिनिधि। बीएसपी कर्मचारियों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि उत्पादन के नाम पर टीम वर्क की बात की जाती है। वहीं कीर्तिमान बनाने पर जश्न और पार्टी में दोयम दर्ज का व्यवहार कर दिया जाता है। रेल पटरी उत्पादन में रिकॉर्ड बनाने वाले कर्मचारियों को छोड़ सिर्फ अफसरों को मूवी दिखाई गई और पार्टी कराई गई।

इसका जवाब मांगने के लिए सीटू पदाधिकारी जीएम के पास बुधवार को पहुंचे। कुर्सी पर बैठने के बजाय जमीन पर पालथी मारकर बैठ गए। यह देख जीएम सकते में आ गए और कुर्सी पर बैठने का निवेदन करने लगे। लेकिन भड़के कर्मचारी सिर्फ जवाब पूछते रहे, आखिर कर्मचारियों को क्यों छोड़ा गया। जीएम स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू के विभागीय प्रतिनिधि एवं रेल मिल के कर्मचारियों ने महाप्रबंधक रेल व स्ट्रक्चरल मिल जी. सेनगुप्ता को खरी-खरी सुनाई। मिल जोन के सचिव के. सुंदर ने बताया कि जीएम कोई जवाब नहीं दे सकें। प्रबंधन से बोला गया कि आप अधिकारी लोगों ने हम कर्मियों को इसी रेल मिल के अंदर दूसरे दर्जे के नागरिक बना चुके हैं। जब उत्पादन नहीं होता है तो हम पर दबाव बनाया जाता है। हमारी मेहनत से जब रिकॉर्ड उत्पादन होता है तो तोहफे के रूप में मिराज सिनेमा में फिल्म दिखाने से लेकर रात्रि भोज में कर्मियों को बुलाना तो पूछा तक नहीं जाता है। ऐसा क्यों हो रहा है?

विभागीय कर्मियों में है रोष

प्रबंधन द्वारा रिकॉर्ड रेल डिस्पैच के बाद किए जा रहे भेदभाव को लेकर संयंत्र के अंदर विभिन्ना विभागों के कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारियों का मानना है कि एक रेल का टुकड़ा बनाने के लिए जितनी भूमिका रेल मिल के कर्मचारी अदा करते हैं। उतनी ही भूमिका रेल बनाने के लिए आवश्यक स्टील तैयार करने तक पूरे प्रोसेस में लगे माइंस के कर्मचारी, हर विभाग के कर्मचारी एवं सभी सहायक, शॉप के कर्मचारियों की होती है।

सभी को दिया जाए तोहफा में सीयूजी सिम

सीटू नेताओं ने कहा कि रेल मिल के द्वारा लगभग साढ़े दस लाख टन से ज्यादा रेल का उत्पादन करने पर सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को एक सेट घड़ी तोहफे में दी गई थी। अब तक रिकॉर्ड स्तर पर 200 एमटी लोहा बनाने एवं रेल मिल और यूनिवर्सल रेल मिल द्वारा एक लाख टन रेल भारतीय रेलवे को डिस्पैच करने पर सभी को एक जैसे तोहफे की घोषणा हो। सभी कर्मियों के लिए सीयूजी सिम उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

पलटी कर्मियों का रेस्ट रूम नहीं सुधरा दो सालों में

रेल मिल कर्मियों ने जीएम से कहा कि इंस्पेक्शन के दौरान रेल को पलटी करने वाले कर्मी सबसे कड़ी शारीरिक मेहनत करते हैं। उन्हीं का रेस्ट रूम सबसे ज्यादा गंदा एवं बदबूदार है। साथ ही क्रेन ऑपरेटर रेस्ट रूम बनना शुरू हुआ लेकिन चार माह बाद आज भी जस का तस है। बदबूदार टॉयलेट से कर्मी परेशान हैं। इस पर महाप्रबंधक ने कहा की क्रेन ऑपरेटर का रेस्ट रूम फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही रेस्ट रूम की व्यवस्था सुधार ली जाएगी।

इन मुद्दों पर भी घेरा

500 इंसेंटिव क्यों? कर्मचारियों ने पूछा इनसेंटिव कॉलम में शून्य दर्ज हो कर आता है। रेल मिल अपना पूरा लक्ष्य प्राप्त करने के इनसेंटिव कालम में मात्र 500 तक इंसेंटिव मिलना समझ से परे है, क्योंकि यह इनसेंटिव केवल और केवल रेल मिल के टारगेट को पूरा करने पर भी आ जाना होता है। कमोवेश यही स्थिति प्लांट के सभी विभागों की है।

क्या हुआ मॉडल कैंटीन का : कर्मियों ने महाप्रबंधक से पूछा कि दो साल से रेल मिल में मॉडल कैंटीन के लिए फाइल भेजा गया है। उस कैंटीन का कोई अता पता नहीं है।

जीएम को नहीं बताते अफसर : महाप्रबंधक से कर्मियों ने कहा कि आपके अधीनस्थ कार्य करने वाले अधिकारी कई बातों को आप से छुपाते हैं। 950 स्टैंड में रोल होने वाले ब्लूम को पांच-पास में रोल करना, निचले कर्मियों से अभद्र व्यवहार की जानकारी नहीं दी जाती है।