भिलाई। दो दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल के पहले दिन भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी, प्रबंधन और पुलिस के बीच नोक झोंक चलती रही। सुबह चार बजे जोरा तराई गेट पर कर्मचारी यूनियन सीटू के नेताओं ने मजदूरों को प्लांट जाने से रोक दिया।

करीब 3 घंटे तक पुलिस और प्रबंधन समझाने की कोशिश करती रही। हड़ताल को विफल करने के लिए बीएसपी प्रबंधन ने देर रात से ही नियमित कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुला लिया था। ठेका मजदूर ड्यूटी नहीं पहुंच सके थे। गेट से वापस भी जाना पड़ा। बीएसपी में 21 हजार नियमित और 25 हजार ठेका मजदूर हैं।

स्टील प्लांट के कर्मचारियों के प्रदर्शन का समर्थन करने विधायक देवेंद्र यादव भी पहुंचे। बीएसपी के मेन गेट पर प्रदर्शनकारियों के बीच उन्होंने सरकार विरोधी नीतियों का विरोध किया। नंदिनी माइंस में भी कर्मचारियों ने कामकाज ठप किया। ट्रेड यूनियन नेताओं की मौजूदगी में खनन कार्य करने जा रहे मजदूरों को रोक दिया गया।

दल्ली राजहरा खदान में शत प्रतिशत हड़ताल का दावा किया गया है। संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने देर रात से ही खदान के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू किया। सुबह कुछ कर्मचारियों ने खदान में प्रवेश करने की कोशिश की तो उन्हें रोक दिया गया।

भिलाई स्टील प्लांट में कर्मचारियों और अधिकारियों की अटेंडेंस बढ़ाने के लिए बीएसपी प्रबंधन बंद रास्ते को चालू कर दिया। मुख्य मार्ग के समीप स्थित आईआर डिपार्टमेंट के रास्ते को सार्वजनिक तौर पर खोल दिया गया, जो अब तक सिर्फ विभागीय कार्य के लिए ही खोला जाता था। प्रदर्शनकारियों की नजरों से कर्मियों को बचाने के लिए बीएसपी प्रबंधन है यह कदम उठाया।