बिलासपुर (निप्र)। जिला उपभोक्ता फोरम ने विदेशी विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने वाले मैक्सिमा इंटरनेशनल कंसलटेंसी के संचालक पर 20 हजार रुपए जुर्माना किया है। इसके अलावा छात्रों से ली गई सेवा शुल्क राशि को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है।

बिलासपुर शहर के चांटापारा स्थित मैक्सिमा इंटरनेशनल एजुकेशन कंसलटेंसी के संचालक भास्कर तिवारी छात्रों को रसिया के यूक्रेन विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने का काम करता है। नेहरू नगर निवासी हर्षवर्धन तिवारी पिता डॉ.सुरेश तिवारी ने वर्ष 2006 में उनसे संपर्क कर चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश दिलाने चर्चा की। इस पर उन्होंने यूक्रेन चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश दिलाने का आश्वासन दिया। इसके लिए संस्था के संचालक ने छात्र से 1.40 लाख रुपए मांगा। उक्त राशि प्रवेश फार्म, पासपोर्ट, वीजा पर खर्च होने की बात कही गई। छात्र ने संस्था के संचालक को 13 जुलाई 2006 को नगद 50 हजार रुपए दिया। 15 दिन बाद छात्र से संपर्क कर फिर से 50 हजार रुपए जमा कराया गया, लेकिन संचालक ने उक्त राशि की रशीद नहीं दी। 15 दिन बाद छात्र ने जब संस्था के संचालक से संपर्क किया तो उसे शेष 40 हजार जमा करने कहा गया। छात्र ने यूक्रेन चिकित्सा महाविद्यालय में पढ़ने से इंकार करते हुए जमा राशि 1 लाख रुपए लौटाने की मांग की। राशि नहीं लौटाने पर छात्र ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद पेश किया। इसके बाद फोरम ने संस्था के संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। संचालक ने जवाब में यह स्वीकार किया कि वह विदेशी शिक्षण संस्थान में प्रवेश दिलाने कंसलटेंसी का काम करता है। 50 हजार रुपए छात्र के पासपोर्ट, वीजा एवं प्रवेश फार्म मंगाने पर खर्च हुआ है। फोरम के अध्यक्ष अशोक पाठक व सदस्य प्रमोद वर्मा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद संस्था के संचालक भास्कर तिवारी को 1 माह के अंदर 50 हजार रुपए आवेदन दिनांक से 9 प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने तथा 20 हजार क्षतिपूर्ति राशि एवं 3 हजार रुपए वाद व्यय अदा करने का आदेश दिया है।