बिलासपुर(निप्र)। जिला उपभोक्ता फोरम ने फर्जी हस्ताक्षर कर छलपूर्वक वाहन बेचने के मामले में नैनो कार के डीलर अंबर ऑटोमोबाइल्स के संचालक पर 29 हजार रुपए जुर्माना लगाते हुए एक माह के अंदर वाहन वापस लेकर 1.45 लाख रुपए क्रेता को देने का आदेश दिया है।

जरहाभाठा ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी अजय शुक्ला पिता सुदामा शुक्ला ने 19 अप्रैल 2013 को 1 लाख 45 हजार रुपए में व्यापार विहार स्थित अंबर ऑटोमोबाइल्स से पुरानी टाटा नैनो सी एक्स सीजी 10 एन 6419 खरीदी। क्रय करते समय आटोमोबाइल्स के कर्मचारियों ने 10-15 दिन में आरटीओ कार्यालय से नाम ट्रांसफर होने एवं दस्तावेज दिए जाने की बात कही। इसके बाद वाहन खरीदार कार को अपने नाम कराने तथा दस्तावेज लेने के लिए कई संपर्क किए। इस पर अंबर ऑटोमोबाइल्स के कर्मचारियों द्वारा आरटीओ कार्यालय में हड़ताल होने के कारण देरी होने तथा हड़ताल समाप्त होने पर काम कराने आश्वासन दिया गया। हड़ताल समाप्त होने के बाद चुनाव अचार संहित लागू होने से काम नहीं होने की बात कही गई। दिसंबर में नाम ट्रांसफर के लिए पूजा छाबड़ा के हस्ताक्षर वाले फार्म 29, 30 दिया गया।

क्रेता ने उक्त फार्म लेकर आरटीओ कार्यालय गए। यहां विक्रेता के फोटो व शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर नाम ट्रांसफर करने की बात कही गई। तब क्रेता ने अंबर ऑटोमोबाइल्स पहुंच कर इसकी जानकारी दी। इस पर उन्हें एक मोबाइल नंबर देकर बात करने को कहा गया। उक्त नंबर पर पूजा छाबड़ा से बात की गई। उसने कुछ लेनदेन बाकी होने के कारण फोटो देने से साफ इंकार कर दी।

इस पर क्रेता अजय शुक्ला ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद पेश कर राशि वापस दिलाने की मांग की। फोरम ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा। जवाब आने के बाद सुनवाई में जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष अशोक कुमार पाठक एवं सदस्य प्रमोद वर्मा ने पाया कि विक्रेता अंबर आटो मोबाइल्स ने फार्म 29, 30 में फर्जी हस्ताक्षर करा छलपूर्वक वाहन बेचा है। सेवा में कमी करने पर 1 माह के अंदर अंबर आटो मोबाइल्स को बेची गई वाहन वापस लेकर 1 लाख 45 हजार रुपए 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने का आदेश दिया। इसके अलावा 20 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति व 2 हजार रुपए वाद व्यय देने का आदेश दिया गया।