बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सोमवार की दोपहर शहर में हुई लूट से हड़कंप मच गया। बैंक से रकम निकालकर घर जा रहे रेलकर्मी को ऑटो सवार लुटेरों ने तारबाहर क्षेत्र के 12 खोली के पास पहले चाकू दिखाकर रोका। फिर आंख में मिर्च पाउडर डालकर 60 हजार रुपये लूट लिए। मामले की रिपोर्ट पर पुलिस जांच कर रही है और लुटेरों की पतासाजी में जुट गई है।

तारबाहर पुलिस के अनुसार गजरा चौक के पास रहने वाले अजय सिंह पिता बेचन सिंह (55) फीटर हैं और रेलवे में कार्यरत हैं। दोपहर करीब 12 बजे वह पुराना बस स्टैंड स्थित यूको बैंक गए थे। वहां उन्होंने 60 हजार रुपये निकाले। इसके बाद वह अपनी बाइक में सवार होकर निकल गए। घटना दोपहर एक से 1.30 बजे के बीच की है। वह शिव टॉकीज चौक व तारबाहर चौक होते हुए वह अंडरब्रिज के रास्ते से गजरा चौक जा रहे थे। तभी अंडरब्रिज से पहले 12 खोली के पास ऑटो सवार चार युवक आए और उन्हें चाकू दिखाया। इससे वह घबरा गए। इसी बीच लुटेरों ने उनकी आंख में मिर्च पाउडर डाल दिया। आंख में जलन होने पर उन्होंने अपनी बाइक रोक दी। इतने में ऑटो सवार युवकों ने उनकी जेब से 60 हजार रुपये लूट लिए और चंपत हो गए। बाइक सवार रेलकर्मी ने आंख से मिर्च पाउडर को किसी तरह साफ किया। फिर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। साथ ही ऑटो सवार युवकों की पतासाजी करने लगे। इस बीच उन्होंने तारबाहर थाने में भी सूचना दी। दिनदहाड़े लूट की खबर सुनकर पुलिस अफसरों की नींद उड़ गई। उनकी रिपोर्ट पर धारा 394, 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वहीं लुटेरों की तलाश में की जा रही है।

जमीन का बकाया देने बैंक से निकलवाई रकम

पुलिस की पूछताछ में रेलकर्मी अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने मकान बनाने के लिए जमीन खरीदी है। सौदा होने के बाद वह भू-स्वामी को रकम भुगतान कर रहा है। बकाया रकम देने के लिए वह बैंक गए थे। घर पहुंचने व भू-स्वामी को रकम देने के पहले ही वे लुटेरों का शिकार बन गए।

काम नहीं आई पुलिस की नाकेबंदी

घटना की सूचना मिलते ही तारबाहर पुलिस ने कंट्रोल रूम को पाइंट दिया और ऑटो सवार चार युवकों की पतासाजी करने के लिए सभी थानों को नाकेबंदी करने के लिए सूचना प्रसारित की गई। कंट्रोल रूम से पाइंट चलते ही सभी थानों की पुलिस ने चेकिंग पाइंट पर ऑटो सवार संदेहियों की धरपकड़ करने की कोशिश शुरू कर दी। लेकिन, तब तक काफी देर हो चुका था। यही वजह है कि लुटेरे वारदात को अंजाम देकर चंपत हो गए थे। इसके चलते नाकेबंदी का कोई फायदा नहीं मिला।

खंगाल रहे सीसीटीवी फुटेज

साइबर सेल व क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंच गई। घटना की जानकारी जुटाने के लिए पीड़ित रेलकर्मी से बारीकी से पूछताछ की गई। पुलिस को शक है कि ऑटो सवार लुटेरों ने यूको बैंक में रैकी की होगी। फिर उनका पीछा कर वारदात को अंजाम दिया होगा। ऐसे में उन्हे ंउम्मीद है कि ऑटो सवार लुटेरे बैंक के साथ ही शहर के चौक-चौराहों में लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए होंगे और उनकी पहचान की जा सकती है। लिहाजा, अब उनकी पतासाजी करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं।