बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन की ओर से बैंकों के राष्ट्रीयकरण की गोल्डन जुबली पर रविवार को सासंद अरुण साव को रक्षासूत्र बांधा गया।

कन्फेडरेशन के छत्तीसगढ़ सहायक महासचिव व बैंकर्स क्लब बिलासपुर के समन्वयक ललित अग्रवाल के नेतृत्व में सीएमडी स्पोर्ट्‌स हॉल में यह आयोजन हुआ। इसी दौरान बिलासपुर लोकसभा के सांसद अरुण साव को रक्षा सूत्र बांध कर निवेदन किया गया। कहा गया कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण की गोल्डन जुबली के अवसर पर अंतिम गरीब आम जनता के लिए बैंकों के दरवाजे खुले रखने के सहयोग देते हुए लोकसभा में सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण, एकीकरण या समामेलन के प्रस्ताव का विरोध करें। ताकि बैंको के राष्ट्रीयकरण के 50 वर्षों बाद भी यह अपने उद्देश्य में सफल हो सके। प्रधानमंत्री के प्रथम कार्यकाल में जनधन, जीवन ज्योति, जीवन सुरक्षा,अटल पेंशन, सुकन्या, मुद्रा, स्टैंड अप, नोटबंदी, कैशलेस बैंकिंग, डिजिटलाइजेशन के बाद दूसरे कार्यकाल में कैश ट्रांजेक्शन पर टैक्स, आरटीजीएस, एनईएफटी के चार्जेस में कटौती, एनपीए व विलफुल डिफाल्टरों की वृद्वि से बैंको की लाभप्रदता पर विपरीत प्रभाव पड़ने के साथ ही एक नवंबर 2017 से ड्यू वेतन समझौते में सकारात्मक रुख नहीं अपनाने से बैंकर्स व उनके परिजनों में रोष है। पांच दिनों की बैंकिंग के साथ सम्मानजनक वेतन समझौते के लिए भी लोकसभा में आवाज उठाने निवेदन किया गया। इस अवसर पर सांसद साव ने बैंकर्स के ज्वलंत मुद्दों को लोकसभा में उठने तथा वित्तमंत्री से प्रत्यक्ष संपर्ककर समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर आइबोक बिलासपुर के जिला सचिव सत्येंद्र बहादुर सिंह, स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के डीजीएस डीके हाटी, एजीएस एसके रजक, कोषाध्यक्ष उर्मलेश पाठक सहित विभन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।