बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस में महिला यात्री को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ा। वह सतना से भिलाई पावर तक यात्रा कर रही थी। शहडोल में अचानक नींद खुली और भिलाई स्टेशन समझकर उतर गई। इस हड़बड़ी में यात्री भुलवश दूसरे यात्री का ट्रॉली बैग भी उठा ले आई। ट्रेन छूटने के बाद उन्हें हुई भूल का पता चला। इसके बाद वह आरपीएफ पोस्ट पहुंची। यहां यात्री का बैग जमा किया। इसके बाद वहां से बिलासपुर आरपीएफ पोस्ट को सूचना दी गई। यहां उनका बैग उतारा गया। शाम को यात्री दूसरे ट्रेन से पहुंची। इसके बाद उनका बैग लौटा दिया गया।

मध्यप्रदेश सीधी अंतर्गत अर्जुन नगर उत्तरी करौंदिया निवासी श्रीमती माया सोनी पति शंभूदयाल सोनी (58) इस ट्रेन के ए-1 की बर्थ क्रमांक 9 पर यात्रा कर रही थी। सतना से ट्रेन चढ़ने के बाद अचानक उनकी आंख लग गई। अचानक नींद खुली तो ट्रेन उस समय शहाडोल रेलवे स्टेशन में खड़ी थी। नींद के कारण यात्री स्टेशन की पहचान नहीं कर पाई और न ही किसी से उन्होंने जानकारी ली। हड़बड़ाते हुए इसी बर्थ के 16 नंबर बर्थ पर यात्रा कर रहे अमित शुक्ला नाम के एक यात्री का बैग उठाकर नीचे उतर गई। वह अपना बैग कोच में भूल गई। आरपीएफ पोस्ट पहुंचकर यात्री ने अपनी इस गलती को बताई। साथ ही यात्री के बैग को लौटा दिया। लेकिन जैसे ही उन्होंने ट्रेन में छूटे अपने बैग के बारे में बताया। आरपीएफ ने ट्रेन को लोकेशन बता किया। उस समय तक बिलासपुर नहीं पहुंची थी। लिहाजा बिलासपुर को सूचना दी गई। जानकारी मिलने के बाद यहां आरपीएफ पोस्ट का अमला ट्रेन के आने का इंतजार करने लगा। ट्रेन पहुंची तो महिला यात्री का बैग उतारा गया। इसके अंदर 9 हजार 700 रुपए नगद, दो कान की बालियां, दो मोबाइल व कुछ इस्तेमाली कपड़े थे। नगद मिलाकर करीब 35 हजार के सामान थे। यात्री के पहुंचने के बाद बैग लौटा दिया गया।