बिलासपुर। मस्तूरी के 17 मजदूर परिवार समेत छह माह तक रांची के ईंट भट्टे में बंधक रहे। उन्हें जांजगीर का एक ठेकेदार गुमराह करते हुए वहां ले कर गया था। उसके चंगुल से छुटने के बाद मजदूरों ने कार्रवाई की मांग रखी है। जब बंधक बनाने की बात इंटक के पदाधिकारियों को पता चला कि रांची के पिथौरिया दुबलिया स्थित हरि प्रसाद, प्रदीप कुमार, दिलीप सिंह, वृक्षा सिंह और डॉ.मलिक के ईंट भट्टे में बिलासपुर मस्तूरी के लगभग 17 मजदूर व उनके परिवार को बंधक बना कर रखा गया है तो उन्होंने प्रयास शुरू किया।

फिर उनके चंगुल से मजदूर को छुड़वाने में सफल हुए। ये मजदूर पिछले छह माह से बंधक बनकर काम कर रहे थे। बिलासपुर पहुंचने पर इन मजदूरों ने बताया कि वहां पर बहुत ही बुरा व्यवहार किया जाता था। साथ ही मारपीट भी करते थे। इसलिए न्याय के लिए पुलिस से इसकी शिकायत की गई है।

ये बने थे बंधक

ईश्वरी जांगड़े, लहरबाई, लीला जांगड़े, सीजनबाई खूंटे, भूमिका, ऊषा जांगड़े, हरिप्रसाद, दयादास, देवकुमार, सूरज कुमार जांगड़े, दीपक जांगड़े, आंचल, अंकिता, मनहरण, मनीष, चन्द्रकुमार खूंटे।