बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बहुजन समाज मुक्ति पार्टी की उम्मीदवार ने लैलूंगा विधायक के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर कोर्ट ने विधायक व निर्वाचन अधिकारी समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विधानसभा चुनाव 2018 में अनुसूचित जनजाति के आरक्षित सीट लैलूंगा सीट से पूंजीपथरा निवासी तारिका तरंगिनी ने बहुजन मुक्ति पार्टी से नामांकन पत्र दाखिल किया था।

नामांकन पत्र के सभी प्रविष्टियां सही थीं। दूसरे दिन रिटर्निंग अधिकारी ने उम्मीदवार से कहा कि आपके सरकारी सेवा में स्वास्थ्य कार्यकर्ता होने की जानकारी मिली है। इसलिए डिटेल लिखकर एक और नामांकन पत्र जमा करने की सलाह दी।

इस पर उम्मीदवार ने एक नवंबर 2018 को एक और नामांकन पत्र जमा किया। इसमें उन्होंने लिखा कि लंबे समय से अनुपस्थिति के कारण विभाग ने उपस्थिति को मान्य नहीं किया। दो वर्ष से नौकरी में नहीं हूं। फार्म की कंडिका दो में प्रश्न क्या अभ्यर्थी भारत या राज्य सरकार के अधिन कोई लाभ का पद धारण कर रहा है पर रिटर्निंग अधिकारी ने हां पर टिक करवा दिया। यह लिखकर अभ्यर्थी ने खुद को नौकरी में होना बताया। जबकि इस्तीफा स्वीकार होने का प्रमाण पत्र नहीं दिया। इस आधार पर उसके इस नामांकन पत्र को निरस्त किया गया। इसके साथ उसके पहले नामांकन पत्र को भी बिना गलती के निरस्त कर दिया गया।