बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राशन दुकान चलाने वाले भाजपाई कार्यकर्ता व भाजपा समर्थित स्वयंसेवी संस्थाओं को राज्य सरकार ने करारा झटका देने का निर्णय लिया है। निजी व स्वयंसेवी संगठनों द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकानों पर जल्द सरकारी ताला लगने वाला है। लोकसभा चुनाव के दौरान नमक व चना बंद होने की अफवाह जमकर उड़ी थी। कांग्रेस के रणनीतिकारों को जवाब देते नहीं बन रहा था। आलम ये कि चुनावी कैंपेनिंग के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नमक की आपूर्ति के संबंध में खुलासा करना पड़ा था। तब सीएम ने कहा था कि घटिया नमक की आपूर्ति बंद कर दी गई है। लोगों की जानमाल की सुरक्षा को देखते हुए गुणवत्तायुक्त नमक की आपूर्ति राशन दुकानों के जरिए की जाएगी। चना के संबंध में भी उन्होंने कुछ इसी तरह की जानकारी दी थी। चुनावी माहौल में उड़ी इन दो अफवाहों ने राज्य सरकार के साथ ही कांग्रेसी रणनीतिकारों को परेशानी में डाल दिया था।

तेजी के साथ उड़ी अफवाह से सबक लेते हुए राज्य शासन ने प्रदेशभर में निजी व स्वयंसेवी संगठनों के हाथों में संचालित राशन दुकानों को छीनने का निर्णय लिया है। ऐसे उचित मूल्य की दुकानें जिनका संचालन भाजपा के कार्यकर्ता या फिर भाजपा समर्थित एनजीओ के हाथों में है जल्द ही तालाबंदी कर दी जाएगी। जिला प्रशासन के कुछ आला अफसरों के अलावा सत्ता व संगठन से जुड़े दिग्गज कांग्रेसी भी इस बात की दबी जुबान से खुलासा कर रहे हैं।

समीक्षा बैठक में उठी बात

पीसीसी के एक दिग्गज पदाधिकारी ने बताया कि रविवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान सीएम व एआईसीसी के महासचिव व प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया के समक्ष प्रदेश के पदाधिकारियों के अलावा प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों ने एक स्वर से यह बात उठाई कि लोकसभा चुनाव के दौरान राशन दुकान संचालकों की ओर से राज्य सरकार द्वारा नमक और चना की आपूर्ति बंद करने की अफवाह उड़ाई गई थी। अधिकांश जिलाध्यक्षों ने इस बात की भी शिकायत की कि दुकान संचालकों द्वारा सोची समझी रणनीति के तहत बीपीएल परिवार के कार्डधारकों को चावल की आपूर्ति भी सरकार द्वारा रोकने की बात फैलाकर राज्य सरकार से इनकी दूरी बढ़ाने का काम किया जा रहा था। भाजपा समर्थित दुकानदारों के अलावा भाजपा के प्रति नरम रुख रखने वाले स्वयंसेवी संस्थाओं से दुकान छीनने की बात भी पदाधिकारियों ने उठाई । प्रदेश प्रभारी के अलावा सीएम और राज्य शासन के मंत्रियों ने भी इसे गंभीरता से लिया है। इशारा किया गया है कि जल्द ऐसे दुकानों पर सरकारी ताला लगा दिया जाएगा ।

नीतिगत निर्णय लेना शेष

उचित मूल्य दुकान संचालकों का लाइसेंस निरस्त करने के बाद इन दुकानों के आवंटन का आधार क्या होगा। क्या मापदंड तय किया जाएगा। फिलहाल तय नहीं है। आवंटन की गाइड लाइन बनाने के बाद दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी किया जाएगा।

फैक्ट फाइल

- जिले में राशन दुकानों की संख्या- 845

- शहर में संचालित उचित मूल्य की दुकानों की संख्या-214

- राशन कार्डधारकों की संख्या- चार लाख 49 हजार 525

- शहर में राशन कार्डधारकों की संख्या- 55 हजार

समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों व पदाधिकारियों ने सीएम भूपेश बघेल व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया के समक्ष लोकसभा चुनाव के दौरान राशन दुकान संचालकों द्वारा नमक व चना को राज्य शासन द्वारा बंद करने की अफवाह तेजी के साथ उड़ाई गई थी। प्रदेशभर में निजी हाथों में संचालित होने वाली दुकानों का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। सीएम व प्रदेश प्रभारी ने इसे गंभीरता से लिया है। विजय केशरवानी-अध्यक्ष,जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर