बिलासपुर। मुंगेली जिले के पथरिया निवासी होनहार छात्र देवीप्रसाद यादव अपनी मौत के छह माह बाद एडीईओ की परीक्षा में प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। परिजन अभी उसकी मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि उसके चयन की खबर सुनकर फिर देवी की यादें ताजा हो गई। परिजनों की उसके मेरिट में आने की खबर सुनते ही आंखें छलक आईं।

पथरिया निवासी मोनू उर्फ देवीप्रसाद यादव पिता कमलप्रसाद यादव पढ़ाई में होनहार था। स्कूली कक्षाओं में वह हमेशा से मेधावी रहा। कॉलेज में भी उसके हमेशा अच्छे नंबर आए। यही वजह है कि वह हमेशा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा रहता था। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते-करते छात्रावास अधीक्षक के पद पर उसका चयन हो गया। वह कोरबा जिले के हरदीबाजार स्थित कोरबी में पदस्थ था।

फिर भी वह पीएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता रहा। वह व्यापमं के जरिए आयोजित एडीईओ परीक्षा में भी शामिल हुआ था। बीते 17 दिसंबर 2017 को कार एक्सीडेंट में देवीप्रसाद की मौत हो गई थी।

वह दोस्तों के साथ मड़ई मेला देखकर लौट रहा था। उसी समय हादसे का शिकार हो गया। मंगलवार को पथरिया में उनके परिजनों को जैसे ही पता चला कि देवीप्रसाद का चयन एडीईओ के पद पर हो गया है और वह प्रदेश में पांचवा स्थान हासिल किया है।

आज है छह मासिक पिंड दान

इस हादसे में देवी की मौत हुए छह माह हो गया है। मृतक कर्म के आयोजन की परंपरा में बुधवार को उसका अर्धवार्षिक पिंडदान है। घर में उसके परिजन उसकी छह मासिक पिंडदान करने तैयारी कर रहे हैं।