बिलासपुर। शहर से लगे सकरी क्षेत्र के भरनी स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में सोमवार की सुबह एक एएसआई ने अपने एके 47 राइफल से गोली मार कर आत्महत्या कर ली। इस घटना से ग्रुप सेंटर में सनसनी फैल गई है। घटना के कारण का पता नहीं चल सका है, पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।

सकरी थाना प्रभारी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना सुबह करीब 6 बजे की है। भरनी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का गु्रप सेंटर है। यहां मूलत मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के ग्राम सुखदास निवासी पुष्पेंद्र बहादुर सिंह पिता श्रवण सिंह, बटालियन में एएसआई थे।

उनकी तैनाती सेंटर में गार्ड इंचार्ज के पद पर थी और मोर्चा नंबर 10 में ड्यूटी पर थे। संतरी ड्यूटी में तैनात आरक्षक अभय तिवारी को अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा, तब पता चला कि एएसआई खून से लथपथ गिरे पड़े हैं।

उन्होंने तत्काल इस घटना की सूचना आला अकिारियों को दी। सूचना मिलते ही सकरी थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस जांच के अनुसार एएसआई ने राइफल को आटोमेटिक मोड पर लेकर अपने जबड़े पर टिका कर ट्रिगर दबा दिया, इससे तीन राउंड गोलियां चली हैं।


परिजन ने हत्या की आशंका जताई

मौत की खबर लगते ही एएसआई के परिजन हैरत में पड़ गए हैं। बिलासपुर में रहने वाले एक परिजन का कहना है कि महज एक माह पहले अपनी बेटी का हाथ पीले करने वाले पुष्पेंद्र बहादुर सिंह की मानसिक स्थिति बिलकुल ठीक थी और वह परिजनों से हालचाल जानने के लिए फोन भी करते थे।

बेटी की शादी के लिए हाल ही में वे अवकाश पर भी गए थे। ऐसे में परिजनों को आत्महत्या करने पर भरोसा नहीं हो रहा है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। बताते हैं कि वर्ष 2008 में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। घर में उनकी दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।