0 बिलासपुर साहित्य समिति की हुई 184वीं काव्य गोष्ठी

बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बिलासपुर साहित्य समिति के बैनर तले 184वीं काव्य गोष्ठी समिति के संस्थापक अध्यक्ष बल्लू दुबे के गो़ंडपारा स्थित गंगा विष्णु भवन में रविवार को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ गजलकार डॉ.राज मल्कापुरी व अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.सुधाकर बिबे ने की। शुभारंभ में कवि बल्लू दुबे ने बिगड़ी सामाजिक परिस्थितियों पर कटाक्ष करती कविता प्रस्तुत की। इसके बाद भरत वेद ने अपनी भावपूर्ण गीत मनुष्य जनम अनमोल से सभी को खूब प्रभावित किया। इसके बाद युवा गीतकार नितेश पाटकर ने याद तुम्हारी आ जाती है अनायास शीर्षक के नवगीत का पाठ किया। रमेश चौरसिया राही व भास्कर मिश्रा 'पारस' ने सस्वर गल पढ़ा।

कार्यक्रम के अगले क्रम में वरिष्ठ गीतकार 'कल्याणी' विजय तिवारी ने मां के सम्मान में रचित गीत का पठन कर सभी को भावविभोर कर दिया। हरवंश शुक्ला ने समसामयिक विषयों पर आधारित रचना व छत्तीसगढ़ के जाने-माने गीतकार सनत तिवारी ने पावस पर गीत गाया। यहां रविन्द्र पांडे 'रविन्द्र', बसंत पांडे 'ऋतुराज', एनके शुक्ला ने अपनी-अपनी रचनाएं पढ़ी। काव्य गोष्ठी में केवल कृष्ण पाठक, बुधराम यादव, रमेश चौरसिया 'राही', हरवंश शुक्ल,बसंत पांडेय 'ऋतुराज', नितेश पाटकर, रविन्द्र पांडेय 'रविन्द्र', श्री कुमार पांडेय 'श्री', श्रीधर आचार्य 'शील', आनंद प्रकाश गुप्ता, भरत वेद, भास्कर मिश्र व अन्य कवि उपस्थित रहे। कार्यक्रम कासंचालन हरवंश शुक्ल ने किया।